नई दिल्ली, 17 सितंबर । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर आरंभ ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आज शालीमार बाग में ‘नमो श्रमिक सेवा केंद्र’ एवं गिग वर्कर्स विश्राम स्थल का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में दिल्ली के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रमिक भाई-बहन उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रमिकों से संवाद भी किया और उनके अनुभव एवं सुझाव सुने।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली के विकास और निर्माण में अपने श्रम, परिश्रम और लगन से महत्वपूर्ण योगदान देने वाले श्रमिक भाई-बहनों के सम्मान, सुविधा और कल्याण के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य जनसेवा को और अधिक सहज, सुलभ तथा नागरिकों के करीब पहुंचाना है। इसी संकल्प के तहत ‘नमो श्रमिक सेवा केंद्र’ की शुरुआत की गई है ताकि श्रमिकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नमो श्रमिक सेवा केंद्र’ श्रमिकों के लिए एक सुविधा केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जहां उन्हें विभिन्न सरकारी सेवाओं और श्रमिक कल्याण योजनाओं से जुड़ी आवश्यक सहायता एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। केंद्र पर श्रमिकों को पंजीकरण एवं नवीकरण में सहायता, दस्तावेजों के सत्यापन, आवेदन की स्थिति की जानकारी, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी तथा दावों से संबंधित सेवाओं के लिए मार्गदर्शन मिलेगा। इससे श्रमिकों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच अधिक आसान और सुविधाजनक होगी। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने अपने श्रम से दिल्ली को बनाने और आगे बढ़ाने में योगदान दिया है, उसे सरकारी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े। सरकार की योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सरल प्रक्रिया के माध्यम से पहुंचे, यही जनसेवा की वास्तविक भावना है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान गिग वर्कर्स विश्राम स्थल का भी शुभारंभ किया गया। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती कार्यव्यवस्था में बड़ी संख्या में गिग वर्कर्स अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में उनके लिए शहर में सुविधाजनक और सम्मानजनक विश्राम स्थल उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। यह पहल काम के दौरान गिग वर्कर्स को कुछ समय आराम करने के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक कदम है। इसके माध्यम से सरकार का प्रयास है कि दिल्ली में काम करने वाले श्रमिकों और गिग वर्कर्स के लिए सार्वजनिक सुविधाओं को अधिक संवेदनशील और नागरिक-केंद्रित बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में गरीब कल्याण को योजनाओं के माध्यम से जमीन पर उतारने पर विशेष बल दिया गया है। श्रमिकों की आय, आवास, भोजन, स्वास्थ्य, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार विभिन्न स्तरों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नमो श्रमिक सेवा केंद्र’ केवल एक सुविधा केंद्र नहीं, बल्कि श्रमिकों के प्रति सम्मान और सेवा के संकल्प का प्रतीक है। सरकार का उद्देश्य है कि श्रमिकों को अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिले तथा उन्हें इन योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने भगवान विश्वकर्मा जयंती पर सभी श्रमिक भाई-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्रमिकों का सम्मान, कल्याण और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना दिल्ली सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि श्रमिकों को नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल जाने की आवश्यकता कम हो, इसके लिए सरकार कार्यस्थलों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की व्यवस्था विकसित कर रही है। इसके तहत स्वास्थ्य वाहन कार्यस्थलों पर पहुंचकर श्रमिकों की नियमित जांच करेंगे और किसी बीमारी या स्वास्थ्य समस्या का पता चलने पर आवश्यक उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा जी की परंपरा श्रम, सृजन और निर्माण के महत्व का संदेश देती है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ जनसेवा को जरूरतमंदों के और करीब ले जाने की इसी भावना को आगे बढ़ा रहा है।
इस अवसर पर दिल्ली के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में देश के श्रमिकों और कारीगरों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसी के तहत पहले चरण में दिल्ली में 13 श्रमिक सेवा केंद्र शुरू किए जाएंगे। इन केंद्रों पर श्रमिक निःशुल्क पंजीकरण कराकर सरकार की विभिन्न श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। इसके बाद इन केंद्रों का विस्तार पूरी दिल्ली में किया जाएगा।
श्रम मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ऐसे प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने जा रही है, जहां श्रमिकों को तकनीकी कौशल के साथ-साथ विदेशी भाषा कौशल भी उपलब्ध कराया जाएगा जिससे उनके लिए दुनिया भर में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने श्रमिकों से कहा कि आपके हाथों से, आपकी मेहनत से, आपके स्किल से, आपके हुनर से एक विकसित, स्वर्णिम भारत का निर्माण हो, यही दिल्ली सरकार का संकल्प है।
