CAMP DAVID, MARYLAND - JULY 31: U.S. President Donald Trump listens to questions from reporters during a Cabinet meeting at Camp David, the presidential retreat, on July 31, 2026 in Camp David, Maryland. Trump convened members of his Cabinet at the presidential retreat as the war with Iran continues. (Photo by Anna Moneymaker/Getty Images)
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कानून पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत रूस पर प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाया गया है और रूसी तेल व गैस के बड़े खरीदारों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही, ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंध लगाने के अधिकार को भी पांच साल के लिए बढ़ा दिया गया है।
ट्रंप ने शुक्रवार को ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ पर हस्ताक्षर किए। व्हाइट हाउस ने कहा कि यह कानून रूस पर कानूनी प्रतिबंध, टैरिफ और रोक लगाने तथा उन्हें बढ़ाने का अधिकार देता है। साथ ही ईरान पर पहले से लगे प्रतिबंधों को भी बढ़ाता है।
रिपब्लिकन सीनेटर केटी ब्रिट के बयान के अनुसार, यह कानून राष्ट्रपति को निर्देश देता है कि वे रूसी कच्चे तेल या गैस के पांच सबसे बड़े इंपोर्टर्स (आयातकों) पर या रूसी तेल प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले शीर्ष पांच देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाएं। न तो साइन करने की घोषणा में और न ही लॉ मेकर्स के बयानों में उन देशों का नाम बताया गया जिन पर ये टैरिफ लगाए जाएंगे। उन्होंने किसी खास देश के लिए टैरिफ दर की भी घोषणा नहीं की।
ब्रिट के ऑफिस ने कहा कि इस कानून में उन देशों के लिए छूट का प्रावधान है जो रूस से इतनी प्राकृतिक गैस इंपोर्ट करते हैं जो रूस के कुल प्राकृतिक गैस एक्सपोर्ट (निर्यात) का 15 प्रतिशत से भी कम है, बशर्ते वे इस इंपोर्ट को कम करने के लिए अहम कदम उठा रहे हों।
ये प्रतिबंध सिर्फ ऊर्जा की खरीद तक ही सीमित नहीं हैं। सीनेटर के बयान के अनुसार, इनका निशाना रूसी अधिकारी, अमीर कारोबारी (ओलिगार्क), उनके परिवार के सदस्य, विदेशी लोग, रूसी बैंक और वित्तीय संस्थान और साथ ही रूस का ‘शैडो फ्लीट’ (गुप्त रूप से काम करने वाले जहाजों का बेड़ा) हैं। इस कानून में रूस और यूक्रेन में उसके युद्ध का समर्थन करने वालों के खिलाफ प्राइमरी और सेकेंडरी, दोनों तरह के प्रतिबंधों का प्रावधान है।
अलबामा की रिपब्लिकन नेता ब्रिट, इस बिल पर दस्तखत के समय ओवल ऑफिस में ट्रंप के साथ मौजूद थीं। उनके ऑफिस ने बताया कि टेक्सास के रिपब्लिकन प्रतिनिधि माइकल मैककॉल भी वहां मौजूद थे।
ब्रिट ने कहा, “आज इस बिल पर दस्तखत करके राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस और उन सभी देशों को एक साफ संदेश दिया है, जो रूस की युद्ध मशीन को फंड देते हैं कि यूक्रेन के खिलाफ उनके आक्रामक कदमों का विरोध करने में अमेरिका एकजुट है।”उन्होंने इस बिल को पास कराने का श्रेय कांग्रेस के दोनों सदनों और व्हाइट हाउस में अपने सहयोगियों को दिया। उन्होंने इस कानून पर ग्राहम के काम की भी तारीफ की।
उन्होंने कहा, “अगर उनकी कड़ी मेहनत न होती तो हम आज यहां नहीं होते और उनकी विरासत के इतने अहम हिस्से को आगे बढ़ाने में मदद करना मेरे लिए सचमुच सम्मान की बात है।”
इस कानून का समर्थन करने वाले इडाहो के रिपब्लिकन प्रतिनिधि माइक सिम्पसन ने अतिरिक्त आर्थिक प्रतिबंधों को युद्ध खत्म करने की कोशिशों को आगे बढ़ाने का एक जरिया बताया। उन्होंने कहा, “हम सब इस बात से सहमत हो सकते हैं कि यह युद्ध बहुत लंबे समय से चल रहा है और हमें रूस को जीत का दावा करने या यह मानने की इजाजत नहीं देनी चाहिए कि वे युद्ध जीत गए हैं।”
