Oplus_16908288
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार को नई दिल्ली में फ्रांस के उच्च शिक्षा, अनुसंधान और अंतरिक्ष मंत्री फिलिप बैपटिस्ट के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इसमें दोनों देशों के बीच शिक्षा, उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, शैक्षणिक आदान-प्रदान और संस्थागत साझेदारी को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई। फ्रांस के मंत्री 28 से 30 सितंबर, 2026 तक तीन दिवसीय भारत यात्रा पर हैं।
भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 को बताया अहम अवसर
फ्रांसीसी मंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए प्रल्हाद जोशी ने भारत और फ्रांस की दीर्घकालिक साझेदारी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 को शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने का उपयुक्त अवसर बताया।
भारत इनोवेट्स 2026 के आयोजन में सहयोग के लिए आभार
प्रल्हाद जोशी ने फ्रांस के नीस शहर में भारत इनोवेट्स 2026 के उद्घाटन समारोह की मेजबानी में सहयोग के लिए फ्रांस सरकार का आभार व्यक्त किया। इस मंच के जरिए भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर अपने नवाचार प्रदर्शित करने का अवसर मिला। साथ ही, शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा मिला।
उच्च शिक्षा और शैक्षणिक आदान-प्रदान पर चर्चा
बैठक में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संस्थागत संबंधों को मजबूत करने, छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं की आवाजाही बढ़ाने तथा संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रमों और आदान-प्रदान के अवसरों का विस्तार करने पर विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने जीवन विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और मानविकी के क्षेत्रों में भी सहयोग की संभावनाएं तलाशीं। इसमें संस्थागत संवाद, साझा शैक्षणिक गतिविधियों और अनुसंधान को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
फ्रांसीसी संस्थानों को भारत में परिसर खोलने का निमंत्रण
दोनों मंत्रियों ने अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान साझेदारी को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा की। इस दौरान फ्रांसीसी उच्च शिक्षण संस्थानों को भारत में अपने शाखा परिसर खोलने के लिए आमंत्रित किया गया। इसमें गुजरात की गिफ्ट सिटी के साथ उन स्थानों पर परिसर स्थापित करने की संभावनाएं भी शामिल हैं, जहां फ्रांसीसी कंपनियां मौजूद हैं और तकनीकी मानव संसाधनों की आवश्यकता है।
भाषा शिक्षा और शिक्षक प्रशिक्षण पर जोर
बैठक में भाषा अधिगम, शिक्षक प्रशिक्षण और शैक्षणिक विशेषज्ञता साझा करने के अवसरों पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के उपायों पर विचार किया। इस दौरान पारस्परिक योग्यता मान्यता (एमआरक्यू) समझौते में संशोधन तथा डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने जैसे विषय भी शामिल रहे।
डिजिटल शिक्षा और संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देने पर सहमति
दोनों देशों ने मौजूदा संस्थागत सहयोग को मजबूत करने और संयुक्त शैक्षणिक एवं अनुसंधान पहलों के नए अवसर तलाशने पर विचार-विमर्श किया। बैठक के समापन पर शिक्षा, उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, शैक्षणिक गतिशीलता, भाषा शिक्षा और डिजिटल शिक्षा के क्षेत्रों में भारत-फ्रांस सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
