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काठमांडू, 30 सितंबर । विदेशमंत्री शिशिर खनाल बुधवार सुबह संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में हिस्सा लेने के बाद न्यूयॉर्क से काठमांडू लौट आए। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में खनाल ने कहा कि प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए संबोधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभूतपूर्व ध्यान खींचा। यह भाषण इस वर्ष महासभा का सबसे ज्यादा देखा गया भाषण बना और दुनिया भर के समाचार माध्यमों में इसे व्यापक सकारात्मक कवरेज मिली।
खनाल ने जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित उच्चस्तरीय साइड इवेंट ‘सगरमाथा टू द सी: ए कॉल टू एक्शन फॉर क्लाइमेट रेजिलिएंट फ्यूचर’ की मेजबानी की। उन्होंने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ कई औपचारिक और अनौपचारिक द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। इन बैठकों में हाल ही में आई बाढ़ से हुई व्यापक तबाही और उसके बाद की स्थिति पर चर्चा की गई।
खनाल ने बताया कि विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने नेपाल के प्रति गहरी संवेदना और मजबूत एकजुटता व्यक्त की। साथ ही, उन्होंने आपदा के बाद पुनर्निर्माण और जलवायु अनुकूलन के लिए ठोस सहायता देने की प्रतिबद्धता भी जताई।
विदेशमंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में नेपाल की सक्रिय भूमिका से देश के राष्ट्रीय हितों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से उठाने में मदद मिली है। साथ ही, नेपाल ने जलवायु संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित पर्वतीय देशों के लिए जलवायु न्याय की आवाज को भी वैश्विक स्तर पर प्रमुखता से उठाया है।
