सर्दियों का मौसम खान-पान के लिहाज से काफी अच्छा माना जाता है। इस मौसम में कई ऐसे फल आसानी से उपलब्ध होते हैं, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी देते हैं। ठंड के दिनों में शरीर को विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट की जरूरत होती है। ऐसे में मौसमी फलों को अपनी डाइट में शामिल करना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।
आंवला सर्दियों के सबसे पौष्टिक फलों में शामिल है। इसमें विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। आंवला शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली को सपोर्ट करने के साथ त्वचा और बालों के स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी पोषक तत्व प्रदान करता है। इसे कच्चा, मुरब्बे या चटनी के रूप में खाया जा सकता है।
अमरूद भी सर्दियों का बेहतरीन फल है। इसमें विटामिन C और फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है। फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है। अमरूद को पूरा फल खाने से जूस की तुलना में अधिक फाइबर मिलता है।
संतरा सर्दियों में खूब पसंद किया जाता है। इसमें विटामिन C और पानी की अच्छी मात्रा होती है। यह शरीर को तरल पदार्थ और जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद करता है। संतरे को जूस के बजाय पूरा खाना अधिक बेहतर विकल्प हो सकता है।
अनार में पॉलीफेनॉल और अन्य एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसके दाने स्वादिष्ट होने के साथ संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकते हैं। अनार में मौजूद फाइबर भी पाचन के लिए उपयोगी है।
सेब सालभर मिलने वाला फल है, लेकिन सर्दियों में भी इसे आसानी से डाइट में शामिल किया जा सकता है। इसमें फाइबर और कई पौधों से मिलने वाले पोषक तत्व होते हैं। नियमित रूप से फल और सब्जियों का सेवन संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पपीता पाचन के लिए उपयोगी फल माना जाता है। इसमें फाइबर और विटामिन A तथा C जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। वहीं कीवी विटामिन C और फाइबर का अच्छा स्रोत है।
सर्दियों में नाशपाती, चीकू और सीताफल जैसे फल भी खाए जा सकते हैं। हालांकि चीकू और सीताफल में प्राकृतिक शर्करा और कैलोरी अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है, इसलिए इन्हें संतुलित मात्रा में लेना बेहतर है।
कुल मिलाकर, सर्दियों में आंवला, अमरूद, संतरा, अनार, सेब, पपीता और कीवी जैसे फलों को डाइट में शामिल करना शरीर को विभिन्न विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट उपलब्ध कराने का आसान तरीका है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए केवल किसी एक फल पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग मौसमी फलों को संतुलित मात्रा में खाना अधिक उपयोगी होता है।
