चार साल पहले अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि चीन LOGINK नामक डिजिटल मंच के जरिए वैश्विक व्यापार पर मजबूत पकड़ बनाने की तैयारी कर रहा है। चीन समर्थित यह मंच बंदरगाहों, सीमा शुल्क अधिकारियों और परिवहन सेवाओं से माल ढुलाई से जुड़ा आंकड़ा जुटाकर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की जानकारी एक जगह उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रहा था। हालांकि, अब LOGINK का अंतरराष्ट्रीय विस्तार बुरी तरह ठप पड़ गया है।
एक पड़ताल के मुताबिक, LOGINK की कई अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां रुक गई हैं, वह एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन से बाहर हो चुका है और चीन में उस पर बकाया भुगतान को लेकर कई कानूनी मामले चल रहे हैं।
LOGINK का पूरा नाम नेशनल ट्रांसपोर्टेशन एंड लॉजिस्टिक्स पब्लिक इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म है। इसकी शुरुआत करीब दो दशक पहले चीन के झेजियांग प्रांत में स्थानीय सरकारी परियोजना के रूप में हुई थी। इसका उद्देश्य बंदरगाहों, ट्रकों और अन्य सेवा प्रदाताओं से माल ढुलाई का आंकड़ा एक जगह लाकर परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाना था। बाद में बीजिंग ने इसे समर्थन दिया और इसका नियंत्रण चीन के परिवहन मंत्रालय को सौंप दिया गया। इसके बाद इसके अंतरराष्ट्रीय विस्तार को प्राथमिकता दी गई।
2010 के दशक के अंत तक LOGINK ने यूरोपीय बंदरगाहों के साथ भी सहयोग की संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी थीं। लेकिन 2022 में अमेरिकी नीति निर्माताओं ने इसके वैश्विक विस्तार का खुलकर विरोध करना शुरू किया। उसी वर्ष LOGINK एक अंतरराष्ट्रीय डेटा-साझाकरण परियोजना से जुड़ा, जिसके जरिए बंदरगाहों पर माल और सीमा शुल्क से जुड़े आंकड़ों के आदान-प्रदान की सुविधा मिलती थी। अमेरिकी आयोग के अनुसार, इससे LOGINK का अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों के साथ सहयोग दोगुना हो सकता था।
इसके बाद अमेरिकी सांसदों ने तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन से LOGINK के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सांसदों ने आशंका जताई कि इसका अनियंत्रित विस्तार चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को वैश्विक व्यापार की महत्वपूर्ण परिवहन व्यवस्था पर मजबूत पकड़ बनाने में मदद कर सकता है।
अमेरिकी अधिकारियों और सुरक्षा विशेषज्ञों को आशंका थी कि बीजिंग इस मंच के जरिए व्यापारिक वस्तुओं, मात्रा और कीमतों से जुड़ी गैर-सार्वजनिक जानकारी हासिल कर सकता है। इससे चीनी कंपनियों को पश्चिमी कंपनियों के मुकाबले बढ़त मिल सकती थी। यह आशंका भी जताई गई कि LOGINK के जरिए सैन्य सामान की आवाजाही पर नजर रखी जा सकती है, जिसमें यूक्रेन और ताइवान के लिए भेजे जाने वाले अमेरिकी हथियार भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, LOGINK के अधिकारी ली झाओ ने 2024 में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय को दिए जवाब में कहा था कि मंच के पास संवेदनशील व्यापारिक जानकारी जुटाने या वैश्विक माल ढुलाई पर लगातार नजर रखने की क्षमता नहीं है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वह बीजिंग के नियंत्रण वाले किसी मंच को वैश्विक समुद्री आंकड़ों पर कब्जा जमाने की अनुमति नहीं देगा। अमेरिका ने अपने सरकारी तंत्र और महत्वपूर्ण बंदरगाहों में LOGINK के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है और सहयोगी देशों तथा उद्योग जगत से भी खतरे को गंभीरता से लेने की अपील की है।
इसके बाद LOGINK का अंतरराष्ट्रीय विस्तार तेजी से कमजोर पड़ने लगा। 2024 में उसने अंतरराष्ट्रीय पोर्ट कम्युनिटी सिस्टम्स एसोसिएशन (IPCSA) की सदस्यता छोड़ दी।
