नई दिल्ली, 28 अक्टूबर । पैकेजिंग सेक्टर की कंपनी अंताला इंडस्ट्रीज लिमिटेड का 23.33 करोड़ रुपये का आईपीओ कल सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। यह कंपनी इंडस्ट्रियल और कमर्शियल पैकेजिंग उत्पादों जैसे बीओपीपी बैग, बीओपीपी प्रिंटिंग रोल्स, पीपी वुवेन बैग और वुवेन लैमिनेशन रोल्स के निर्माण, प्रोसेसिंग और प्रिंटिंग का काम करती है। इसके उत्पादों का उपयोग मुख्य रूप से फूड प्रोसेसिंग, फर्टिलाइज़र्स, केमिकल्स, सीमेंट और बीज उद्योगों में किया जाता है। कंपनी के इस आईपीओ में निवेशक 2 नवंबर तक बोली लगा सकते हैं।
इश्यू की क्लोजिंग के बाद 3 नवंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 4 नवंबर को सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। इसी दिन जिन निवेशकों को शेयर का अलॉटमेंट नहीं हुआ होगा, उनके लिए रिफंड की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। कंपनी के शेयर 5 नवंबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 63 रुपये से लेकर 67 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 2,000 शेयर का है। रिटेल इंवेस्टर्स इस इश्यू में कम से कम 2 लॉट यानी 4,000 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 2,68,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 34.82 लाख नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसमें ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए प्रमोटर्स द्वारा कोई बिकवाली नहीं की जा रही है।
इस आईपीओ के नेट ऑफर में से क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए कुल 1.09 प्रतिशत यानी 36,000 शेयर सुरक्षित रखे गए हैं। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए सबसे बड़ा हिस्सा 83.48 प्रतिशत यानी 27,60,000 शेयर रिजर्व रखा गया है। इसके अलावा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए 15.43 प्रतिशत यानी 5,10,000 शेयर रिजर्व किए गए हैं। इस पूरे इश्यू के लिए वत्सा कैपिटल वेंचर प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। वहीं असनानी स्टॉक ब्रोकर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
इस आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाई गई रकम में से 10.68 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी अपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। इसके अलावा 5.89 करोड़ रुपये का उपयोग नई मशीनरी की खरीद और कैपिटल एक्सपेंडिचर की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। इसके बाद बची शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाएगी।
अंताला इंडस्ट्रीज लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कंपनी द्वारा सेबी के पास जमा किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले वित्त वर्षों के दौरान शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 89 लाख रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1.82 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 133 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ 4.24 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की छमाही यानी 30 सितंबर 2026 तक कंपनी को 4.19 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 12.59 करोड़ रुपये का कुल राजस्व (टोटल इनकम) प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 31.98 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 49 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ 47.53 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की छमाही यानी 30 सितंबर 2026 तक कंपनी को 30.20 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के विस्तार के साथ उस पर लदे कर्ज के बोझ में भी उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर कुल 36 लाख रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 3.85 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में और बढ़ कर 4.19 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की छमाही यानी 30 सितंबर 2026 तक कंपनी का कर्ज घट कर 1.75 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
कंपनी की कुल संपत्ति (टोटल एसेट्स) में भी इस दौरान मजबूती बनी रही। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 5.97 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 25.47 करोड़ रुपये हो गई और वित्त वर्ष 2025-26 में और बढ़त के साथ 28.41 करोड़ रुपये हो गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की छमाही के अंत यानी 30 सितंबर 2026 तक कंपनी की कुल संपत्ति 34.88 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार मजबूती हासिल की है। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 3.02 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में बढ़ कर 8.79 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की छमाही यानी 30 सितंबर 2026 तक यह और बढ़ कर 13.49 करोड़ रुपये हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 3.54 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 12.19 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 17.03 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की छमाही के अंत यानी 30 सितंबर 2026 तक कंपनी का नेटवर्थ 22.17 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
इसी तरह कंपनी का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) वित्त वर्ष 2023-24 में 1.36 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2.82 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में और बढ़ कर 6.15 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की छमाही के अंत यानी 30 सितंबर 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 5.76 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
