श्रम और रोजगार मंत्रालय ने सोशल सिक्योरिटी कोड के तहत अनऑर्गनाइज्ड वर्कर्स और गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड बनाने को नोटिफाई किया है, जिससे इन कैटेगरी के वर्कर्स को वेलफेयर प्लानिंग और मॉनिटरिंग के लिए एक कानूनी फ्रेमवर्क के अंदर लाया गया है।
ये बोर्ड केंद्र सरकार को सही सोशल सिक्योरिटी स्कीम की सलाह देंगे और इन सेक्टर में काम करने वालों के लिए केंद्र सरकार की वेलफेयर स्कीम को मॉनिटर करेंगे।
केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में, बोर्ड में केंद्र और राज्य सरकारों, एग्रीगेटर कंपनियों, नियोक्ताओं, नागरिक समाज संगठनों, श्रमिक संघों और गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिक संघों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
मिनिस्ट्री के अनुसार, इस कदम का मकसद पारंपरिक अनऑर्गनाइज्ड वर्कर्स के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए काम करने वालों के लिए सोशल सिक्योरिटी कवरेज में कमियों को दूर करना है।
बोर्ड साल में कम से कम तीन बार मिलेंगे और अपना काम करने के लिए केंद्र सरकार के बताए गए तरीकों को मानेंगे।
उनकी ज़िम्मेदारियों में कोड के एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़े मामलों पर सरकार को सलाह देना, राज्य लेवल पर रिकॉर्ड रखने के कामों का रिव्यू करना, और फंड और अकाउंट्स से होने वाले खर्च की जांच करना शामिल है।
वे समय-समय पर केंद्र सरकार द्वारा सौंपे गए दूसरे काम भी करेंगे।
