छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव 2026 में जिला जनसंपर्क कार्यालय अम्बिकापुर द्वारा आकर्षक प्रदर्शनी के माध्यम से जिलेवासियों को राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी प्रदान की गई। ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ की थीम पर आधारित इस प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित योजनाओं और प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों को विस्तारपूर्वक प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी के माध्यम से आम नागरिकों को शासन की योजनाओं, उनके उद्देश्यों, लाभों और उपलब्धियों से अवगत कराया गया।
प्रदर्शनी में महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजनाओं को प्रमुखता से स्थान दिया गया। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने तथा अब तक 20 हजार 708 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित किए जाने की जानकारी दी गई। वहीं स्व-सहायता समूहों के माध्यम से 13.96 लाख महिलाओं के लखपति दीदी बनने, पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 39.73 लाख महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने की जानकारी भी प्रदर्शित की गई।
कृषक एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी भी प्रदर्शनी का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा के अंतर्गत 1.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित किए जाने की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से राज्य के 26 लाख किसानों को मिल रहे लाभ, दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत 4 लाख 95 हजार 965 भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता तथा तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के हित में संग्रहण दर बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किए जाने और बोनस सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी भी दी गई।
आवास एवं बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 24.54 लाख से अधिक आवासों की स्वीकृति और 20.75 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण होने की उपलब्धि प्रदर्शित की गई। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 41.50 लाख घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने तथा इसके लिए 4,500 करोड़ रुपये के प्रावधान की जानकारी दी गई। वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर रूफटॉप स्थापना पर 1 लाख 12 हजार रुपये तक की सब्सिडी के प्रावधान को भी प्रदर्शनी में दर्शाया गया।
युवा कल्याण, शिक्षा और तकनीकी विकास के क्षेत्र में राज्य के प्रयासों की जानकारी देते हुए 38 नगरीय निकायों में हाईटेक लाइब्रेरी निर्माण, मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन, इनोवेशन हब और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण की योजनाओं को प्रदर्शित किया गया। इसके तहत 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। प्रयास आवासीय विद्यालयों के माध्यम से आईआईटी/आईआईआईटी में 136, एनआईटी में 363 तथा एमबीबीएस में 82 विद्यार्थियों के चयन और 10 जिलों में 2,717 सीटों की उपलब्धता की जानकारी भी साझा की गई।
प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जनसुलभ बनाने के लिए लागू किए गए 450 से अधिक प्रशासनिक सुधारों, सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ई-ऑफिस, ऑनलाइन पेमेंट, सुगम ऐप और नियो रजिस्ट्रेशन की जानकारी प्रदर्शित की गई। इसके साथ ही सेवा सेतु डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से 38 विभागों की 948 सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराने की पहल को भी दर्शाया गया। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत 18 जिलों के 1,544 ग्रामों के लगभग 56 हजार 569 परिवारों को लाभान्वित किए जाने की जानकारी भी प्रदर्शनी में शामिल रही।
प्रदेश में पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रयासों को रेखांकित करते हुए छत्तीसगढ़ को पर्यटन का उद्योग का दर्जा दिए जाने, डेस्टिनेशन छत्तीसगढ़ अभियान के माध्यम से जनजातीय, विरासत एवं इको टूरिज्म को बढ़ावा देने तथा बस्तर के धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किए जाने की उपलब्धि प्रदर्शित की गई। इसके साथ ही पांच शक्तिपीठों के विकास के लिए पांच करोड़ रुपये के प्रावधान और श्री रामलला दर्शन योजना के तहत 55 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम की निःशुल्क यात्रा कराए जाने की जानकारी भी दी गई।
अधोसंरचना विकास और औद्योगिक निवेश से संबंधित उपलब्धियों में 54 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं, 18,215 करोड़ रुपये की लागत वाली 37 सड़क परियोजनाओं तथा 4,146 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन रायपुर-विशाखापट्टनम छह लेन एक्सप्रेस-वे को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। वहीं इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ के अंतर्गत 8.60 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होने तथा एआई मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये के प्रावधान और 1,000 करोड़ रुपये की लागत से देश का पहला एआई डेटा सेंटर स्थापित किए जाने की जानकारी भी दी गई।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के तहत 815 गांवों को लाभान्वित करने तथा बस्तर एवं सरगुजा अंचल के 106 चयनित मार्गों पर बसों का संचालन, राज्य के विकास और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बढ़ाने के प्रयासों को भी प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्देश्य शासन की योजनाओं और विकासपरक पहलों की जानकारी आम नागरिकों तक सरल एवं प्रभावी तरीके से पहुंचाना तथा उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा। राज्योत्सव में पहुंचे जिलेवासियों ने प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों और जनहितकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
