दिग्गज बैंकर और कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक ने कहा है कि अगर वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश की तेजी धीमी पड़ती है, तो भारतीय शेयर बाजारों में विदेशी पूंजी का नया प्रवाह आ सकता है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी AI क्षमता विकसित कर रहा है और वैश्विक निवेश की दिशा बदलने से उसे फायदा मिल सकता है।
एक वर्चुअल संबोधन में कोटक ने कहा कि कई वैश्विक कंपनियां AI से जुड़ी योजनाओं को वित्तपोषित करने के लिए भारी कर्ज ले रही हैं, जिससे कुछ मामलों में कंपनियों का मूल्यांकन काफी बढ़ गया है। यदि यह रुझान पलटता है, तो विदेशी निवेश भारत की ओर रुख कर सकता है।
उन्होंने बताया कि वैश्विक AI कंपनियों के शेयरों पर दबाव के बावजूद अक्टूबर की शुरुआत के निचले स्तर से भारतीय शेयर बाजार करीब 10 प्रतिशत उबर चुका है। वहीं, इसी अवधि में एशिया के टेक्नोलॉजी आधारित बाजारों में 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।
कोटक के अनुसार, 2026 में अब तक वैश्विक निवेशक भारतीय बाजारों से रिकॉर्ड 29 अरब डॉलर निकाल चुके हैं। इसके पीछे भारतीय शेयरों का ऊंचा मूल्यांकन, AI से जुड़े सीमित निवेश अवसर और ऊर्जा की बढ़ती कीमतें प्रमुख कारण रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली के बावजूद घरेलू निवेशकों के भरोसे ने भारतीय बाजारों को मजबूती दी है। हालिया गिरावट के बाद अन्य बाजारों की तुलना में भारतीय शेयरों का मूल्यांकन अंतर भी कम हुआ है और वे छह से 12 महीने पहले के मुकाबले कम महंगे हैं।
कोटक ने निवेशकों को सलाह दी कि वे अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के पीछे भागने के बजाय मध्यम अवधि को ध्यान में रखते हुए बेहतर गुणवत्ता वाली कंपनियों और जोखिम प्रबंधन पर ध्यान दें।
इस बीच, गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी कारोबार के दौरान 2 प्रतिशत से अधिक चढ़कर क्रमशः 79,465.03 और 24,579.90 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों को बाजार में तेजी की प्रमुख वजह माना गया।
