रायपुर 6 नवंबर । छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन को लेकर आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को पार्टी नेताओं विजय झा, जयदीप खनूजा और नंदन सिंह ने प्रेसवार्ता कर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता जताई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, ऑक्सीजन प्लांट बंद रहने और निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के नाम पर कथित वित्तीय अनियमितताओं के कारण आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पार्टी नेताओं ने मुख्यमंत्री के गृह जिले जशपुर के बगीचा विकासखंड में एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण एक गर्भवती महिला की मौत का मामला उठाते हुए कहा कि संबंधित क्षेत्र का स्वास्थ्य केंद्र डेढ़ साल से बंद है। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री के गृह जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की यह स्थिति है, तो प्रदेश के अन्य क्षेत्रों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
आप नेताओं ने रायपुर के सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि माना सिविल अस्पताल में करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित ऑक्सीजन प्लांट तीन साल से बंद है। वहीं जिला अस्पताल का 1.5 करोड़ रुपये का ऑक्सीजन प्लांट वर्ष 2021 से ठप पड़ा है। पार्टी का आरोप है कि प्लांट बंद होने के कारण हर महीने करीब 3.5 लाख रुपये खर्च कर ऑक्सीजन खरीदी जा रही है।
नेताओं ने कहा कि प्लांट दोबारा शुरू नहीं होने के संबंध में तकनीकी कर्मचारियों की कमी का हवाला दिया जा रहा है और विभागीय स्तर पर पत्राचार की बात कही जा रही है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कराने और ऑक्सीजन प्लांट बंद रहने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
प्रेसवार्ता में सीजीएमएससी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से जुड़ी करीब 660 करोड़ रुपये की रीजेंट एवं मेडिकल उपकरण खरीदी में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया गया। आप नेताओं ने कहा कि इस मामले में तीन आईएएस अधिकारियों को निर्दोष पाए जाने के बावजूद खरीदी प्रक्रिया और सरकारी खजाने को हुए कथित नुकसान के संबंध में स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि यदि सरकारी धन का नुकसान हुआ है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी है और इसकी भरपाई कैसे होगी।
आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों में कथित फर्जीवाड़े और वित्तीय अनियमितताओं का मामला उठाते हुए दोषी पाए गए अस्पतालों के प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की। पार्टी नेताओं के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की जांच में पिछले दो वर्षों में 70 अस्पतालों को अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार पाया गया है, जबकि वर्तमान में 16 निजी अस्पतालों में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं।
पार्टी का आरोप है कि संबंधित अस्पतालों में एजेंटों के माध्यम से मरीजों को लाया जाता था, बिना चिकित्सकीय आवश्यकता के भर्ती किया जाता था, फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे और इलाज के पैकेजों में गलत कोडिंग कर सरकारी राशि का भुगतान प्राप्त किया जाता था। नेताओं ने सवाल किया कि ऐसे मामलों में केवल आयुष्मान योजना का पंजीयन निरस्त करना पर्याप्त नहीं है। सभी संबंधित अस्पतालों के प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
आप नेताओं ने जिन अस्पतालों का उल्लेख किया, उनमें रायपुर के सुयश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, एसके केयर अस्पताल, श्री अनंत साई अस्पताल, श्री महावीर अस्पताल, श्रीनिवास अस्पताल, वरदान अस्पताल, हेरिटेज अस्पताल, श्री रावतपुरा सरकार अस्पताल और पल्स अस्पताल शामिल हैं। इसके अलावा दुर्ग, बिलासपुर, कोंडागांव, कोरबा, बस्तर और कबीरधाम के विभिन्न निजी अस्पतालों के नाम भी सूची में बताए गए।
पार्टी ने बताया कि रायपुर के आठ अस्पतालों के प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर 3 नवंबर को पुलिस उपायुक्त पश्चिम को ज्ञापन सौंपा गया था।
आप नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और मेकाहारा जैसे बड़े सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों के कई पद रिक्त हैं तथा आवश्यक जांच मशीनें खराब पड़ी हैं। दूसरी ओर, निजी अस्पतालों में आम मरीजों से इलाज के नाम पर अधिक राशि वसूलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। पार्टी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
आम आदमी पार्टी ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और सरकार से सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने, बंद ऑक्सीजन प्लांट शुरू कराने, स्वास्थ्य सेवाओं में रिक्त पद भरने तथा आयुष्मान भारत योजना में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित निजी अस्पतालों के प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई नहीं की गई और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आम आदमी पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन करेगी।
