Featured देश चाणक्य नीति :- परिश्रम से ही फल मिलता है Divya Chinta April 10, 2024 उद्योगे नास्ति दारिद्रयं जपतो नास्ति पातकम | मौनेन कलहो नास्ति जागृतस्य च न भयम || यहां आचार्य चाणक्य आचरण की चर्चा करते हुए कहते हैं कि उद्यम से दरिद्रता तथा जाप से पाप दूर होता है | मौन रहने से कलह और जागते रहने से भय नहीं होता | आशय है कि परिश्रम- उद्यम करने से गरीबी नष्ट होती है | अत: व्यक्ति को श्रम करना चाहिए ताकि जीवन सम्पन्न हो सके | भगवान् का नाम जपने से पाप दूर होते हैं, मन और आत्मा की शुद्धि होती है शुद्ध कर्म की प्रेरणा मिलती है, व्यक्ति दुष्कर्म से दूर होता है | चुप रहने से झगड़ा नहीं बढ़ता और अप्रिय स्थितियाँ टल जाती हैं तथा जागते रहने से किसी चीज का डर नहीं रहता क्योंकि सजगता से व्यक्ति चीजों को खतरे से पूर्व ही संभाल सकता है | Post navigation Previous भिलाई के पास बस हादसे में केडिया कंपनी के 15 कर्मचारियों की मौत, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दुख जतायाNext चैत्र नवरात्र का दूसरा दिन:- मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित Related Stories राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्रियों ने प्रधानमंत्री मोदी को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं Featured देश राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्रियों ने प्रधानमंत्री मोदी को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं September 17, 2026 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने किया बाबा विश्वनाथ का विशेष पूजन Featured देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने किया बाबा विश्वनाथ का विशेष पूजन September 17, 2026 विश्वकर्मा पूजा: श्रम से सृजन तक का उत्सव देश विश्वकर्मा पूजा: श्रम से सृजन तक का उत्सव September 17, 2026