देश प्रेरक प्रसंग :- उपदेश तथा आचरण में अंतर Divya Chinta April 23, 2024 कम्बोज के सम्राट तिंग-भिंग की राजसभा में एक दिन एक बौद्ध भिक्षुक आया और कहने लगा, “महाराज! मैं त्रिपिटिकाचार्य हूँ | पंद्रह वर्षों तक सारे बौद्ध जगत का तीर्थाटन करके मैंने सद्धर्म के गूढ़ तत्वों का रहस्योंद्घाटन किया है | मैं आपके राज्य का पट्टपुरोहित बनने की कामना से आया हूँ | मेरी इच्छा है कि कम्बोज का शासन भगवान् के आदेशानुसार संचालित हो |” यह सुन सम्राट मुस्कराये और बोले, “आपकी सदिच्छा मंगलमयी है, किन्तु आपसे एक प्रार्थना है कि आप धर्मग्रंथों की एक और आवृत्ति कर डालें |” भिक्षुक को क्रोध आया, किन्तु साक्षात सम्राट जानकार वह अपने क्रोध को व्यक्त न कर सका | उसने सोचा, “क्यों न एक आवृति और कर लूँ | सम्राट को रुष्ट कर राजपुरोहित के प्रतिष्ठित पर क्यों हाथ से जाने दूँ |” दूसरे वर्ष वह सम्राट के सम्मुख उपस्थित हुआ तो सम्राट ने फिर कहा- “भगवान्, एकांत-सेवन के साथ एक बार और धर्मग्रंथों का परायण करें, तो श्रेयस्कर होगा |” भिक्षुक के क्रोध की सीमा न रही, किन्तु सामने सम्राट होने के कारण कुछ न कर सकता था | अपमान के दंश से पीड़ित एकांतवास के लिए वह नदीतट पर गया | कोलाहल से दूर नदीतट पर प्रार्थना करने से उसे बड़ा ही आनंद प्राप्त हुआ | अब तो उसने अपना आसन वहीं जमाया और एकाग्रचित से भगवान् की प्रार्थना में लीन रहने लगा | साल भर बाद सम्राट तिंग-भिंग अपनी समस्त प्रजा के साथ नदीतट पर उपस्थित हुए| उन्होंने भिक्षुक को तन-मन की सुध भूले आनंदातिरेक में भगवान् की प्रार्थना में लीन पाया | उन्होंने प्रार्थना की, “भगवान्, चलिये, धर्माचार्य के आसन को सुशोभित कीजिये | भिक्षुक की धर्माचार्य बनने की महत्वाकांक्षा भस्मसात हो चूकी थी, पांडित्य के आहंकर का स्थान आत्मज्ञान के आनंद ने ले लिया था | उसके अंधरों पर मंद मुस्कान बिखर गयी | वह बोला, “राजन ! सद्धर्म उपदेश की नहीं आचरण की वस्तु ही | उपदेश में अहंकार ही और आचरण में आनंद | मैंने यहाँ आकर आचरण में ही आनंद पाया | भगवान् के आदेश बड़े स्पष्ट हैं | वहां आचार्य की जरूरत नहीं | भगवान् ने एक ही वाक्य में सब कह दिया है- ‘अप्पदीपो भव’ आर्थात ‘अपने स्वयं के दीपक बनो! मुझे राज-पुरोहित का पद नहीं चाहिए |” Post navigation Previous Arvind Kejriwal: सीएम केजरीवाल को तिहाड़ जेल में पहली बार दी गई इन्सुलिन, इतना पहुंच गया था शुगर लेवलNext “असंभव को संभव कर दिखाने के सामर्थ्य का नाम है महाबली हनुमान “ Related Stories एसोचैम ने वैश्विक सहयोग के लिए एक शक्तिशाली मंच के रूप में ब्रिक्स को मजबूत करने के प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण की सराहना की है। Featured देश एसोचैम ने वैश्विक सहयोग के लिए एक शक्तिशाली मंच के रूप में ब्रिक्स को मजबूत करने के प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण की सराहना की है। September 12, 2026 कार्रवाई के बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस के दो पदों से हटने की घोषणा की Featured देश कार्रवाई के बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस के दो पदों से हटने की घोषणा की September 12, 2026 मोदी ने पुतिन को भेंट किया ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद Popular Trending देश मोदी ने पुतिन को भेंट किया ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद September 11, 2026