Trending देश प्रेरक प्रसंग :- नकलचियों की दशा Divya Chinta June 4, 2024 स्वामी दयानन्द के पाखंड – खंडन से चिढ़कर पूना के पोंगापंथी पाखंडियों ने उन्हें अपमानित करने तथा चिढ़ाने के लिए एक जुलुस निकाला | उन्होंने एक नकली दयानन्द बनाकर चूना और कालिख से उसका मुँह रंगकर गधे पर बिठाकर जुलूस के आगे रखा था और लोग पीछे- पीछे उस पर दयानन्द के नाम से तरह-तरह की व्यंग्य बौछार करते तथा तालियाँ बजाते चल रहे थे | दयानन्द के शिष्यों से न रहा गया | वे स्वामीजी के पास गए और कहने लगे कि यदि अनुमति मिले, तो इन पाखंडियों को उचित सजा वे दे सकते हैं | इस पर स्वामीजी बड़े ही सहज भाव से समझाते हुए बोले, “इसमें सजा देने की क्या बात ? दूसरे की नकल करनेवालों की जो दशा होती है, वह बेचारे नकली दयानन्द की हो रही है | यह क्रोध करने का नहीं, शिक्षा लेने का विषय है | “ Post navigation Previous Delhi : आज आने वाले चुनाव नतीजे तय करेंगे कई नेताओं का कद, कुछ की होगी अंतिम पारी; भाजपाई इसलिए हैं गदगदNext कैसे नरेन्द्र मोदी ने जीता देश की जनता का अभूतपूर्व विश्वास? Related Stories नेतन्याहू ने किया मजबूत दक्षिणपंथी सरकार बनाने का आह्वान Trending विदेश नेतन्याहू ने किया मजबूत दक्षिणपंथी सरकार बनाने का आह्वान October 28, 2026 UAE में भारतीय दूतावास और कॉन्सुलेट ने अपने नागरिकों को पर्याप्त मेडिकल इंश्योरेंस लेने की सलाह दी है Trending विदेश UAE में भारतीय दूतावास और कॉन्सुलेट ने अपने नागरिकों को पर्याप्त मेडिकल इंश्योरेंस लेने की सलाह दी है October 28, 2026 पीएम मोदी ने साझा किया सुभाषित, कहा— ‘जनता और राष्ट्र की सेवा करना ही सुशासन का मूल आधार’ Featured देश पीएम मोदी ने साझा किया सुभाषित, कहा— ‘जनता और राष्ट्र की सेवा करना ही सुशासन का मूल आधार’ October 28, 2026