सरकार ने लोगों को साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूक करने के लिए Cyber Caller Tune अलर्ट की शुरुआत की है। इस पहल के तहत, जब भी आप किसी को कॉल करते हैं, सबसे पहले आपको साइबर अवेयरनेस कॉलर ट्यून सुनाई देती है। केवल इस ट्यून के समाप्त होने के बाद ही आपकी कॉल कनेक्ट होती है।
हालाँकि यह जानकारी महत्वपूर्ण है, लेकिन कई लोग इसे बार-बार सुनकर परेशान हो गए हैं। अगर आप भी इस कॉलर ट्यून से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो आप इसे सरलता से स्किप कर सकते हैं। यह ट्यून पूरी तरह से हटाई नहीं जा सकती, लेकिन हर बार कॉल के दौरान मैन्युअल रूप से इसे टाला जा सकता है।
यदि आप साइबर अवेयरनेस कॉलर ट्यून नहीं सुनना चाहते हैं, तो बस इन आसान स्टेप्स का पालन करें: सबसे पहले कॉल करें। जैसे ही कॉलर ट्यून बजने लगे, कीपैड या डायल पैड खोलें और 1 नंबर दबाएं। इसके बाद कॉलर ट्यून स्किप हो जाएगी और आपकी कॉल सीधे कनेक्ट हो जाएगी।
यह तरीका उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है, जो अक्सर कॉल करते हैं और हर बार कॉलर ट्यून सुनने से बचना चाहते हैं। सरकार ने यह कॉलर ट्यून अलर्ट तब लागू किया, जब देश में साइबर फ्रॉड और बैंकिंग धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2020 में साइबर अपराध के कुल 8,703 मामलों में लगभग 1,85,468 करोड़ का नुकसान हुआ था। वहीं, वित्त वर्ष 2021 में 7,338 मामले दर्ज हुए, जिससे 1,32,389 करोड़ का नुकसान हुआ। वित्त वर्ष 2022 में, साइबर अपराध के 9,046 मामले सामने आए और ₹5,458 करोड़ का नुकसान हुआ।
बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने कॉलर ट्यून के माध्यम से लोगों को सजग करने का निर्णय लिया, ताकि वे फ्रॉड कॉल्स से बच सकें और संदिग्ध गतिविधियों को तुरंत पहचान सकें। साइबर सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के इस प्रयास में कॉलर ट्यून अनिवार्य की गई है, लेकिन इसे बार-बार सुनना कष्टप्रद हो सकता है। आप इसे हर बार केवल 1 दबाकर तुरंत स्किप कर सकते हैं और सीधे कॉल कनेक्ट कर सकते हैं।
