रूस ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अमेरिकी टेक कंपनी गूगल पर भारी जुर्माना लगाया है, जो YouTube वीडियोज के कारण हुआ है। गूगल के स्वामित्व वाले YouTube पर कुछ वीडियोज में रूसी सैनिकों को सरेंडर करने के तरीके दिखाए जा रहे थे, जिसे रूस की अदालत ने गैरकानूनी मानते हुए गूगल पर जुर्माना लगा दिया है।
गूगल पर लगा जुर्माना
रूस की अदालत ने गूगल पर 3.8 मिलियन रुबल (लगभग 36 लाख रुपये) का जुर्माना लगाया है। रूस पिछले कुछ सालों से टेक कंपनियों से ऐसे कंटेंट को हटवाने की कोशिश कर रहा है, जिसे वह गैरकानूनी मानता है। अगर कंपनियां ऐसा नहीं करतीं, तो उन पर जुर्माना लगाया जाता है। हालांकि गूगल ने अभी तक इस जुर्माने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यूट्यूब की डाउनलोड स्पीड को लेकर आरोप
रूस सरकार के आलोचकों का कहना है कि यूट्यूब की डाउनलोड स्पीड को जानबूझकर कम किया जा रहा है ताकि लोग सरकार की आलोचना करने वाले वीडियोज न देख सकें। हालांकि, रूस ने इसे खारिज करते हुए कहा कि यह गूगल की तकनीकी कमी के कारण हो रहा है, क्योंकि गूगल अपने उपकरणों को ठीक से अपडेट नहीं कर रहा है।
पुतिन ने गूगल को अमेरिकी सरकार का टूल बताया
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गूगल को अमेरिकी सरकार का टूल बता चुके हैं। दिसंबर में उन्होंने कहा था कि गूगल अमेरिकी सरकार का एक उपकरण है, जिसका उपयोग राजनीति के लिए किया जा रहा है।
गूगल पर सबसे बड़ा जुर्माना
पिछले साल नवंबर में रूस ने गूगल पर अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना लगाया था। यूक्रेन युद्ध के दौरान YouTube ने रूस के सरकारी मीडिया को अपने प्लेटफॉर्म से बैन कर दिया था, जिसके जवाब में रूस ने गूगल पर 20 डेसिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया था। यह राशि पूरी दुनिया की GDP से भी ज्यादा थी, और इतनी रकम पूरी दुनिया की संपत्ति से भी अधिक होती।
