नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने तेजाब के हमले के पीड़ितों को मुआवजा मिलने में देरी पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों से संपर्क करने को कहा है। चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों को एक चार्ट बनाने का भी निर्देश दिया, जिसमें पीड़ितों या उनके परिवार के सदस्यों द्वारा मुआवजा मांगने का समय और इसे प्राप्त करने का दिन शामिल करने को कहा गया है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि याचिका पर केंद्र और 11 राज्य सरकारों ने अपने जवाब दाखिल नहीं किए हैं। कोर्ट ने इन 11 राज्य सरकारों को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। याचिका मुंबई के एनजीओ एसिड सर्वाइवर्स साहस फाउंडेशन ने दायर किया है।
याचिका में 2023 के लक्ष्मी बनाम भारत संघ के फैसले का हवाला दिया गया है जिसमें कहा गया है कि एसिड अटैक पीड़ित को सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज मिलना चाहिए। कोर्ट ने कहा था कि संबंधित राज्य सरकार द्वारा देखभाल और पुनर्वास लागत के रुप में न्यूनतम तीन लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए।
