विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत और चीन 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़पों से क्षतिग्रस्त हुए संबंधों को फिर से बनाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि तनावपूर्ण संबंध किसी भी पक्ष के लिए फायदेमंद नहीं होंगे। डॉ. जयशंकर ने कहा कि मतभेदों को विवाद नहीं बनना चाहिए और प्रतिस्पर्धा को संघर्ष नहीं बनना चाहिए। उन्होंने नई दिल्ली में एशिया सोसाइटी के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. क्यूंग-व्हा कांग के साथ बातचीत में भारत-चीन संबंधों पर बोलते हुए यह टिप्पणी की।
डॉ. जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले साल अक्टूबर से दोनों देशों के बीच संबंधों में कुछ सुधार हुआ है, दोनों देश अपने संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और चीन कई मुद्दों पर प्रतिस्पर्धा करते हैं, लेकिन क्योंकि वे प्रतिस्पर्धा करते हैं इसका मतलब यह नहीं है कि दोनों देशों के बीच संघर्ष होना चाहिए। उन्होंने अमेरिकी रुख में बदलाव, चीन के उदय के साथ बुनियादी बदलाव की ओर भी इशारा किया।
