दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि विधानसभा विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रही है और विकसित भारत 2047 को लेकर संकल्पित है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में आगे बढ़ते हुए दिल्ली विधानसभा को ई-विधानसभा बनाने और हिंदू नववर्ष पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने यह जानकारी गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में दी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा में नेवा (राष्ट्रीय ई विधान एप्लीकेशन) को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे दिल्ली विधानसभा ई विधानसभा में बदल कर पेपरलेस हो जाएगी। पत्रकारों के लिए यहां मीडिया डेस्क स्थापित करेंगे। इसमें शुरुआत में समाचारों के तेजी से प्रसार के लिए मीडिया कर्मियों के उपयोग के लिए इंटरनेट और प्रिंटिंग सुविधा वाले 25 कंप्यूटर लगाएंगे।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि विधानसभा परिसर में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए 100 दिनों का लक्ष्य रखा है ताकि विधानसभा परिसर पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित हो सकें। वर्तमान में 100 किलोवाट क्षमता वाले दो सौर ऊर्जा संयंत्र हैं। हमारी कुल ऊर्जा आवश्यकता लगभग 600 किलोवाट है और इसलिए स्थापित क्षमता को बढ़ाया जाएगा ताकि हमारी ऊर्जा की जरूरतें पूरी तरह से सौर ऊर्जा से पूरी हो सकें। संयंत्र छतों और खाली खुली जगहों पर लगाए जाएंगे। इसके लगने के बाद दिल्ली विधानसभा का 16 लाख का बिजली बिल शून्य हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा को उन्नत प्रौद्योगिकी के साथ-साथ गुणात्मक कार्यप्रणाली के मामले में भी एक ‘आदर्श विधानसभा’ के रूप में विकसित किया जाए। विधानसभा और इसकी समितियों में होने वाली बहस और चर्चा का मुख्य बिन्दु दिल्ली की विभिन्न समस्याओं का सकारात्मक तरीके से समाधान करने पर केंद्रित होना चाहिए। साथ ही विधानसभा परिसर का उपयोग हमारी समृद्ध परंपरा के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक पहलुओं को बढ़ावा देने के लिए बेहतरीन कार्यक्रमों की मेजबानी के लिए किया जाएगा।
