नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सुरक्षित और सुव्यवस्थित दिल्ली के लिए सभी डार्क स्पॉट्स को खत्म करके उन्हें रोशन करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में दिल्ली सचिवालय में शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, मनजिंदर सिंह सिरसा और आशीष सूद भी मौजूद रहे।
इस बैठक में मुख्य रूप से राजधानी के यातायात व्यवस्था, सार्वजनिक स्थानों पर लाइट्स की व्यवस्था और ‘डार्क स्पॉट्स’, बेघर एवं बेसहारा लोगों के लिए आश्रय गृहों की व्यवस्था जैसे बड़े मुद्दों की समीक्षा की गई। बैठक में दिल्ली पुलिस, शहरी विकास विभाग, परिवहन विभाग, सामाजिक कल्याण विभाग, पीडब्ल्यूडी, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित तमाम विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि राजधानी के 4000 चिह्नित डार्क स्पॉट्स को रोशन करने की योजना पर तेजी से काम किया जाएगा। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 233 ट्रैफिक कंजेशन पॉइंट्स की पहचान की गई है, जिनके शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों को ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बेघर और जरूरतमंद लोगों को गरिमामय जीवन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी जिलों के डीएम और एसडीएम को शेल्टर होम्स का नियमित निरीक्षण करने को कहा गया है। दिल्ली पुलिस को इन आश्रय स्थलों की सतत निगरानी और रह रहे लोगों की पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए 445 जलभराव क्षेत्रों की पहचान की गई है, जिन्हें 15 दिनों के भीतर ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी को सशक्त बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएंगे। लंबित मामलों को प्राथमिकता से जल्द से जल्द निपटने के निर्देश दिए गए। प्रदूषण नियंत्रण के तहत प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ एक सघन अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही जनता की शिकायतों और सुझावों को सीधे तौर पर सुनने और समाधान के लिए थानों और जिलों में सुझाव समितियों के गठन के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बैठक के दौरान चार प्रमुख एजेंडों पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक सुचारु और नागरिकों के लिए सुरक्षित बनाने पर जोर देते हुए कहा कि दिल्ली जैसे महानगर में सुगम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था नागरिकों की सुविधा और विकास के लिए बेहद आवश्यक है। इसी दिशा में दिल्ली के 233 ट्रैफिक कंजेशन पॉइंट्स की पहचान की गई है। इन भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस, पीडब्ल्यूडी और परिवहन विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। पीडब्ल्यूडी के अधीन 123 कंजेशन पॉइंट्स हैं, जिनमें से 41 का समाधान किया जा चुका है, जबकि शेष पॉइंट्स का समाधान जून तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
राजधानी में ‘डार्क स्पॉट्स’ और पब्लिक लाइटिंग सिस्टम के बारे में बात करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह मुद्दा प्रत्यक्ष रूप से सुरक्षा और अपराध नियंत्रण से जुड़ा है दिल्ली के हर कोने को सुरक्षित बनाना हमारी प्राथमिकता है। इसी दिशा में सभी संबंधित विभागों को 4,000 चिह्नित डार्क स्पॉट्स पर उपयुक्त लाइट्स लगाने के निर्देश दिए गए हैं। पीडब्ल्यूडी से सम्बंधित लगभग 1900 डार्क स्पॉट्स पर खराब लाइट्स को 10 दिनों के भीतर ठीक करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक के दौरान बेघर, भिक्षुक एवं निराश्रित लोगों के लिए बनाए गए आश्रय स्थलों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में कोई भी व्यक्ति बेघर न रहे, यह हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है। आश्रय स्थलों की व्यवस्था केवल एक छत देना नहीं, बल्कि यह मानवीय गरिमा और संवेदनशीलता का प्रतीक है। हमारा उद्देश्य है कि हर जरूरतमंद को सम्मानपूर्वक जीवन मिले। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हर शेल्टर होम में साफ-सफाई, पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त रोशनी, नियमित स्वास्थ्य जांच और समुचित सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध हों।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के डीएम और एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि वे आश्रय गृहों का नियमित दौरा करें और यह सुनिश्चित करें कि वहां वास्तविक जरूरतमंद लोग ही रह रहे हों। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस को भी इन आश्रय स्थलों की लगातार निगरानी करने और वहां रह रहे लोगों की पहचान सत्यापित करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक 15 दिन में स्पेशल ड्राइव चलाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध से संबंधित मामलों के शीघ्र और वैज्ञानिक निदान के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी को सशक्त बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए विभाग में स्वीकृत पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिए कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के विरुद्ध एक सघन अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संबंधित विभागों को इसके लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली में चिह्नित 445 जलभराव क्षेत्रों की सूची पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पीडब्ल्यूडी, एनडीएमसी और एमसीडी इन क्षेत्रों की समस्याओं का 15 दिन के भीतर समाधान सुनिश्चित करें। सभी संबंधित विभागों को आवश्यक समन्वय के साथ कार्य करने का आदेश दिया गया है, जिससे आगामी मानसून में नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
