खान मंत्रालय ने राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (एनसीएमएम) के तहत उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) की स्थापना के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह मिशन के एक प्रमुख स्तंभ के अनुसरण में है, जो महत्वपूर्ण खनिजों में अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास है। महत्वपूर्ण कच्चे माल, स्वच्छ ऊर्जा और गतिशीलता संक्रमण के उभरते क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला बनाते हैं, साथ ही उन्नत प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे रणनीतिक क्षेत्रों के लिए भी। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एंड-टू-एंड सिस्टम दृष्टिकोण में प्रौद्योगिकियों को विकसित करने, प्रदर्शित करने और तैनात करने के लिए, उच्च प्रौद्योगिकी तत्परता स्तर (टीआरएल) तक पहुंचने के लिए अनुसंधान और विकास करना आवश्यक है। उत्कृष्टता केंद्र कई स्रोतों से कई महत्वपूर्ण खनिजों के लिए निष्कर्षण प्रक्रिया और लाभकारी प्रौद्योगिकियों की पहचान, विकास और कार्यान्वयन करेंगे और निर्देशित अनुसंधान और विकास का संचालन करेंगे। इस नई पहल के तहत, निर्धारित पात्रता के अनुसार प्रतिष्ठित शैक्षणिक और अनुसंधान एवं विकास संस्थानों का मूल्यांकन किया जाएगा और महत्वपूर्ण खनिजों में अनुसंधान एवं विकास के लिए सीओई के रूप में मान्यता दी जाएगी। सीओई महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में देश की विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षमता को मजबूत करने और आगे बढ़ाने के लिए अभिनव और परिवर्तनकारी अनुसंधान करेंगे। उत्कृष्टता केंद्रों का उद्देश्य अत्याधुनिक अनुसंधान करना तथा महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में समस्या समाधान के लिए अंतर एवं बहु-विषयक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना होगा।
