नई दिल्ली। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने बुधवार को दक्षिण दिल्ली के किलोकरी में स्थित स्टैंडअलोन बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) के काम की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना दिल्ली सरकार का मुख्यमंत्री लक्ष्य है।
ऊर्जी मंत्री ने बताया कि इंडीग्रिड के सहयोग से बीएसईएस ने दक्षिणी दिल्ली के किलोकरी में देश की पहली विनियमित उपयोगिता-स्तरीय स्टैंडअलोन बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली को स्थापित किया गया है। जिसकी क्षमता 20 मेगावाट/40 मेगावाट घंटा स्टैंडअलोन बैटरी ऊर्जा भंडारण की है। इस परियोजना को किलोकरी के बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड के 33/11 केवी सब-स्टेशन पर स्थापित किया गया है।
निरीक्षण के दौरान आशीष सूद ने कहा कि यह स्टैंडअलोन बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली ग्रिड की स्थिरता को बढ़ाने, पीक आवर में बिजली मांग को कम करने और अक्षय ऊर्जा को ग्रिड में एकीकृत करने में मदद मिलने के साथ ही हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए खास तौर से डिजाइन की गई है।
मंत्री कहा कि दक्षिण दिल्ली के किलोकरी में बीएसईएस द्वारा स्थापित देश की पहली स्टैंडअलोन बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली को बहुत जल्द दिल्ली की जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार इसे रिकॉर्ड समय में बनाकर तैयार कर रही है। इंडीग्रिड, जीईएपीपी और टेरी के सहयोग से विकसित यह परियोजना पूरे भारत में ऐसी नियामक और नई तकनीकी के लिए एक नई मिसाल कायम करेगा। इस परियोजना से बीईएसएस को प्रतिदिन चार घंटे बिजली आपूर्ति करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके शुरू होने पर करीब एक लाख लोगों को बिजली का सीधा लाभ मिलेगा। डीईआरसी द्वारा अनुमोदित टैरिफ जो पिछले मानकों से 55 फीसदी कम है। साथ ही यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा भंडारण में सहायक होने, ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के साथ ही नवाचार के एक नए युग की शुरुआत भी है।
आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली की ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने के लिए नई-नई तकनीक को अपनाया जाए। नई टेक्नालॉजी का तेजी से इस्तेमाल हो ताकि सुचारू रूप से 24 घंटे बिजली की आपूर्ति दिल्ली की जनता को मिलती रहे। दिल्ली की जनता को राहत देने के लिए हमारी सरकार ने बिजली सब्सिडी को आगे भी जारी रखने का फैसला किया है। भाजपा की सरकार अपनी गति से काम कर रही है। हमारी सरकार सिर्फ ऊर्जा के क्षेत्र में ही नहीं दिल्ली के हर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में रात-दिन जुटी हुई है।
