प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निमंत्रण पर मंगलवार को सऊदी अरब की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। 2016 और 2019 में अपनी पिछली यात्राओं के बाद यह पीएम मोदी की सऊदी अरब की तीसरी यात्रा होगी। यह यात्रा सितंबर 2023 में जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने और भारत-सऊदी अरब रणनीतिक साझेदारी परिषद की पहली बैठक की सह-अध्यक्षता करने के लिए प्रिंस सलमान की नई दिल्ली की राजकीय यात्रा के बाद हो रही है।
आज शाम नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत के लिए रणनीतिक साझेदार के रूप में सऊदी अरब के स्पष्ट महत्व के कारण यह यात्रा महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब में बहुत बड़ा भारतीय प्रवासी समुदाय रहता है, जो संभवतः दुनिया में अपनी तरह का दूसरा सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है। श्री मिस्री ने कहा कि सऊदी अरब इस्लामी दुनिया में एक अग्रणी आवाज़ है और क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा इस रणनीतिक साझेदार के साथ पहले से ही मजबूत संबंधों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करती है। विदेश सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री और क्राउन प्रिंस के बीच बहुत करीबी व्यक्तिगत संबंध हैं, जिनमें एक-दूसरे के प्रति बहुत गर्मजोशी और सम्मान है, और द्विपक्षीय संबंधों को सर्वोच्च स्तर पर रणनीतिक मार्गदर्शन से बहुत लाभ हुआ है।
श्री मोदी का जेद्दा शहर में स्वागत क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान करेंगे। दोनों नेता सामरिक भागीदारी परिषद की दूसरी बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे। द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों पक्षों के बीच कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने की भी उम्मीद है। श्री मोदी के सऊदी अरब में भारतीय श्रमिकों को रोजगार देने वाली एक फैक्ट्री का दौरा करने की भी उम्मीद है। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए श्री मिसरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सऊदी अरब यात्रा पश्चिम एशिया की स्थिति, इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष और हौथी हमलों से समुद्री सुरक्षा को होने वाले खतरे सहित क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी।
