एसोसिएशन फॉर म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) द्वारा आज जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के म्यूचुअल फंड निवेश ने अप्रैल में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर देखा, क्योंकि मासिक व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) योगदान 26,632 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। सक्रिय एसआईपी खाते मार्च में 8.11 करोड़ से बढ़कर 8.38 करोड़ हो गए, महीने के दौरान 46 लाख नए खाते खोले गए। प्रबंधन के तहत कुल म्यूचुअल फंड परिसंपत्तियां (एयूएम) 65.74 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर रिकॉर्ड 70 लाख करोड़ रुपये हो गईं। शुद्ध प्रवाह 2.76 लाख करोड़ रुपये रहा, जो मार्च के 1.64 लाख करोड़ रुपये के बहिर्वाह से उलट है। इक्विटी म्यूचुअल फंड प्रवाह 25,082 करोड़ रुपये से थोड़ा कम होकर 24,269 करोड़ रुपये हो गया। सेक्टोरल/थीमैटिक फंड्स में 2,000 करोड़ रुपए के निवेश के साथ तेज उछाल देखा गया। अप्रैल में लार्ज-कैप फंड्स ने 2,671 करोड़ रुपए के साथ वापसी की, जबकि ईएलएसएस फंड्स ने 372 करोड़ रुपए का बहिर्वाह दर्ज किया। डेटा मजबूत निवेशक विश्वास और बढ़ती खुदरा भागीदारी को दर्शाता है।
