नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने पोपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के नेता एएस इस्माइल को स्वास्थ्य के आधार पर अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि एम्स के ताजा मेडिकल रिपोर्ट में उसके स्वास्थ्य में सुधार बताया गया है।
कोर्ट ने कहा कि आरोपी की न्यायिक हिरासत के दौरान स्थिति में सुधार आया है। एम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि जेल में उचित चिकित्सा उपलब्ध करायी जा रही है। एम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर आरोपी को अंतचरिम जमानत नहीं दी जाती है तब भी उसके स्वास्थ्य में गिरावट नहीं आएगी। कोर्ट ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि वो इस्माइल को डॉक्टर की ओर से बताये गए नियमित फिजियोथेरेपी की चिकित्सा दें और उसके ब्लड प्रेशर की नियमित मानिटरिंग करते रहें। कोर्ट ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि वो इस्माइल के स्वास्थ्य की मानिटरिंग के लिए महीने में एक बार एम्स ले जाएं।
एनआईए ने इस्माइल को 22 सितंबर 2022 को गिरफ्तार किया था। एनआईए के मुताबिक पीएफआई के सदस्यों और उसके पदाधिकारियों ने देश-विदेश से फंड एकत्र कर देश के विभिन्न स्थानों पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रची। पीएफआई के सदस्यों ने हवाला और दूसरे जरियों से धन एकत्र किया और केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, यूपी और दिल्ली में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिशें रची। एनआईए ने इस्माइल समेत पीएफआई के 19 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने के बाद यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल किया था।
28 सितंबर 2022 को केंद्र सरकार ने पीएफआई और उसके सहयोगी संगठनों को पांच सालों के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। केंद्र सरकार ने यूएपीए की धारा 3(1) के अधिकारों के तहत ये प्रतिबंध लगाया था। केंद्र सरकार ने पीएफआई के सहयोगी संगठनों, रिहैब इंडिया फाउंडेशन (आरआईएफ), कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई), ऑल इंडिया इमाम्स काउंसिल (एआईसीसी), नेशनल कंफेडरेशन ऑफ ह्यूमन राईट्स आर्गनाइजेशन (एनसीएचआरओ) नेशनल वुमंस फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन, केरल को भी प्रतिबंधित किया है। एनआईए ने कई राज्यों में छापा मारकर पीएफआई के काफी सदस्यों को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने भी करीब 50 स्थानों पर छापा मारकर 30 से ज्यादा पीएफआई सदस्यों को गिरफ्तार किया था।
