दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने राजधानी में पानी की कमी, बर्बादी, चोरी और गंदे पानी की आपूर्ति को लेकर दिल्ली सरकार को घेरा है।
उन्होंने रविवार को एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि दिल्ली की बढ़ती आबादी के लिए प्रतिदिन लगभग 1290 एमजीडी पानी की जरूरत है परंतु दिल्ली जल बोर्ड 990 एमजीडी पानी प्रतिदिन ट्रीट ही कर पाता है जबकि दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार 52 प्रतिशत पानी चोरी या बर्बाद हो जाता है। जल बोर्ड दिल्ली में पीने योग्य पानी का उत्पादन और वितरण करने की अपनी जिम्मेदारी को निभाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।
दिल्ली कांग्रेस आरटीआई सेल द्वारा मांगी जानकारी अनुसार यमुना का प्रदूषित और गंदा पानी लोगों को मिल रहा है, जिसे भाजपा की दिल्ली सरकार ने खुद स्वीकार किया है कि 2025 में 30 अप्रैल तक 811 शिकायते गंदे पानी की मिली और इसी दौरान 1835 शिकायतें पानी न मिलने की मिली।
देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड भीषण गर्मी में दिल्लीवालों को पानी की आपूर्ति देने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है क्योंकि कुल सीवेज ट्रीटेड वाटर 604 एमजीडी में से महज 11.6 प्रतिशत 94 एमजीडी इस्तेमाल होता है बाकी सीवेज के ट्रीटेट पानी को नालों में बहा दिया जाता है, जो यमुना में चला जाता है। सरकार के पास 2484 एमएलडी पानी को संरक्षित रखने की क्षमता नहीं है। ट्रीटेट 94 एमजीडी पानी में 81 एमजीडी पानी हॉर्टिकल्चर के इस्तेमाल में और 10 एमजीडी पानी पावर प्लांट की यूनिटों को ठंडा करने में इस्तेमाल हो जाता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली 90 प्रतिशत जलापूर्ति के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर है। दिल्ली में पानी की भारी किल्लत है जिसका हल निकालने में भाजपा सरकार के पास कोई साधन नही है।
देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली के जल मंत्री लगातार सीवेज ट्रीटमेंट बढ़ाने और सीवेज ट्रीटमेंट जल की क्षमता बढ़ाने के बयान दे रहे है, जबकि मौजूदा 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में से 25 प्लांट मानको के अनुसार खरे नहीं उतरे और अपनी क्षमता अनुसार काम नहीं कर पा रहे है। उन्होंने कहा कि जल मंत्री मौजूदा व्यवस्था में सुधार लाने की बजाय नई घोषणा कर रहे है जबकि दिल्ली जल बोर्ड का 52 प्रतिशत बर्बाद और चोरी हो रहे पानी को बचाने का कोई उपाय या संसाधन सरकार के पास नहीं है। भाजपा भी आम आदमी पार्टी की सरकार की तरह कुछ करने की बजाय सिर्फ घोषणा और आरोप लगाकर अपना पल्ला झाड़ रही है।
देवेंद्र यादव ने कहा कि यह अत्यंत चिंताजनक है कि दिल्ली में आबादी के हिसाब से पानी का बंटवारा नही होने के कारण लोगों को जल संकट झेलना पड़ रहा है। क्योंकि सरकार के पास एक समान प्रति व्यक्ति जलापूर्ति की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि कहीं प्रति व्यक्ति जलापूर्ति 53 लीटर और कहीं 200 लीटर के पार मिल रही है। यह संवेदनशील मामला है कि कम आबादी वाले क्षेत्रों में ज्यादा पानी मिल रहा है जबकि अधिक आबादी वाली विधानसभाओं में कम पानी मिल रहा है। भाजपा के दिल्ली की सत्ता में आने के बाद दिल्ली वालों के लिए जलापूर्ति करने की बजाय पिछली सरकार की कमियों पर ध्यान केन्द्रित कर रही है जबकि उन्हें दिल्ली जल बोर्ड द्वारा दिल्ली वालों के लिए पर्याप्त जलापूर्ति करने की योजना बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
