नई दिल्ली। दिल्ली के विकास मंत्री कपिल मिश्रा की अध्यक्षता में सोमवार को दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड (डीएएमबी) के साथ एक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में बोर्ड के विभिन्न प्रशासनिक, तकनीकी एवं वित्तीय पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
मंत्री कपिल मिश्रा ने बैठक में संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए जिसमें डीएएमबी में विभिन्न पदों पर वर्षों से लंबित रिक्तियों को तत्काल प्रभाव से भरने की प्रक्रिया शुरू करने तथा नियुक्ति नियमों की अद्यतन समीक्षा कर उन्हें जल्द अंतिम रूप देने की बात कही।
उन्होंने संगठनात्मक ढांचे को सार्वजनिक किए जाने तथा प्रमुख विभागों विशेषकर इंजीनियरिंग डिवीजन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मंत्री कपिल मिश्रा ने ई-नीलामी प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता पर जोर दिया। इसके तहत गाजीपुर मंडी में दुकानों की ई-नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि छोटे व्यापारियों को ई-नीलामी पर्याप्त अवसर प्राप्त हो। मिश्रा ने आजादपुर मंडी के उपमंडी स्थल टिकरी मंडी के विकास के लिए मास्टर प्लान एक महीने के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंडियों से नियमित और वैज्ञानिक तरीके से कचरा हटाने की प्रणाली विकसित की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि कचरा ढोने वाले वाहनों की संख्या, स्थिति और संचालन का रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जाए। मंत्री ने दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वैकल्पिक राजस्व स्रोतों की पहचान पर जोर दिया। उन्होंने मंडी परिसर में सुविधाजनक सेवाओं जैसे पार्किंग, कोल्ड स्टोरेज आदि से आय बढ़ाने पर भी बल दिया।
दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड की बैठक में मिश्रा ने आय बढ़ने पर जोर करते हुए कहा कि सभी सक्रिय सावधि जमा (एफडीएस) की सूची तैयार की जाए। एक जनवरी 2023 के बाद जो एफडीएस समाप्त की गई हैं, उनके पीछे के कारणों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि एफडी को केवल आवश्यकता पड़ने पर ही भुनाया जाए और उसकी नीति तैयार की जाए। साथ ही डीएएमबी में सभी वित्तीय, प्रशासनिक और तकनीकी रिकॉर्ड्स को डिजिटल स्वरूप में संरक्षित करने की प्रक्रिया तेज की जाए। बैठक में डीएएमबी के चेयरमैन, सदस्य सचिव, मुख्य अभियंता, वित्त नियंत्रक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी एक महीने में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
