नई दिल्ली। दिल्ली के गृहमंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में दिल्ली फायर सर्विस की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में गृह विभाग के प्रधान सचिव, दिल्ली फायर सर्विस के निदेशक के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इस बैठक में विभाग में दिल्ली फायर सर्विस की कार्यशैली और भविष्य की कार्य योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही दिल्ली फायर सर्विस के कार्यरत समर एक्शन प्लान पर गंभीरता से काम करने के निर्देश भी दिए।
मंत्री ने बताया कि बैठक में दिल्ली फायर सर्विस के प्रशासनिक और वित्तीय विभाग के साथ ही मैन पावर बढ़ाने के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि दिल्ली फायर सर्विस ने आधुनिक तकनीक से लैस करने के साथ ही फायर ब्रिगेड की नई गाड़ियों की खरीद पर निर्णय लिया जा रहा है। इसमें कुछ गाड़ियां विदेशी तकनीक और कुछ गाड़ी स्वदेशी तकनीक से लैस होगी।
दिल्ली फायर सर्विस के निदेशक ने मंत्री को बताया कि दिल्ली में फिलहाल 65 फायर स्टेशन हैं, जिसमें 311 फायर यूनिट और 2420 लोग कार्यरत हैं। मंत्री ने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों के काम करने की अवधि को कम करने करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि कर्मचारी और अधिक कर्मठता से काम करें।
मंत्री ने यह भी बताया की आज बैठक में डीजी,सीडी फायर गृह मंत्रालय, नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस और दिल्ली फायर सर्विसेज के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के विषय पर भी चर्चा की गई।
इस समझौते के अंतर्गत दिल्ली फायर सर्विसेज में नई तकनीक के उपयोग, फायर सर्विसेज एक्ट में संशोधन, दिल्ली फायर सर्विसेज का अपग्रेड और दिल्ली फायर सर्विसेज को देश-विदेश की आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि अग्निकांड जैसे हादसा होने पर जल्द काबू करने की भी योजना बनाने की जरूरत है, ताकि दुघर्टना होने पर जल्द से जल्द लोगों को बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि बैठक में दिल्ली फायर सर्विस को स्टेट ऑफ दी आर्ट सर्विस बनाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई है। इस संबंध में निदेशक फायर सर्विस को कहा गया है कि देश के विभिन्न राज्यों की फायर सर्विस प्रणाली का अध्ययन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि उस राज्य की नई-नई तकनीकों को दिल्ली फायर सर्विस में लागू किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि फायर सर्विस निदेशक अगले 15 से 20 साल की योजना और बढ़ती हुई आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्य योजना बनाएं। इसके साथ ही फायर सर्विस लॉग टार्म और शॉर्ट टर्म की भी योजना पर काम करें।
मंत्री ने बताया कि दिल्ली फायर सर्विस को आधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए फायर ब्रिगेड के बेड़े में 17 नए वाटर बाउजर, 4 एरियल वाटर टावर और 24 नए क्विक रिस्पांस वीकल शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड के बेड़े में कई रोबोटिक वाहन भी शामिल किए गए हैं।
गृहमंत्री ने दिल्ली फायर सर्विस निदेशक को गर्मियों के समय में समर एक्शन प्लान पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया। गर्मियों में दिल्ली में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिसपर काबू पाने के लिए दिल्ली फायर सर्विस को हमेशा मुस्तैद रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि फायर सर्विस के अधिकारी दिल्ली के विभिन्न स्कूलों के बच्चों और कॉलोनियों में जाकर दिल्ली की जनता को आग से बचाव के प्रति जागरूक करने का सघन अभियान चलाएं।
