नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), दिल्ली प्रान्त द्वारा आयोजित संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) का समापन सोमवार, 16 जून को आर.ए. गीता विद्यालय, शंकर नगर, शाहदरा में हुआ। 15 दिनों तक चले इस प्रशिक्षण वर्ग में 18 से 40 वर्ष की आयु के कुल 225 शिक्षार्थियों ने भाग लिया।
समापन समारोह में आरएसएस के अखिल भारतीय सह व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक मुख्य वक्ता के रूप में तथा भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त एयर मार्शल राजेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में अनिल ओक ने स्वयंसेवकों और समाज से जीवन में पंच परिवर्तन अपनाने का आह्वान किया, जिसमें सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, नागरिक कर्तव्यों का पालन तथा स्वदेशी अपनाना शामिल है। उन्होंने संघ की स्थापना के पीछे पूजनीय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के विचारों को रेखांकित करते हुए कहा, “भारत की तत्कालीन स्थिति का आकलन कर उन्होंने यह अनुभव किया कि हिंदू समाज के संगठन के बिना राष्ट्र का पुनरुत्थान संभव नहीं है।”
अनिल ओक ने कहा कि आज जब विश्व एक “अंधेरी गली” से गुजर रहा है, ऐसे में केवल भारत के पास मानवता को रास्ता दिखाने की सामर्थ्य है। उन्होंने कहा कि “कुछ देश कहते हैं कि हम दुनिया को 21 बार नष्ट कर सकते हैं, भारत कहता है – हम 21 बार बसा सकते हैं।”
मुख्य अतिथि एयर मार्शल (से.नि.) राजेश कुमार ने स्वयंसेवकों को राष्ट्र सेवा की प्रेरणा दी और संघ शिक्षा वर्ग जैसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया।
दिल्ली प्रांत का यह संघ शिक्षा वर्ग 01 जून को आरंभ हुआ था और 16 जून को इसका विधिवत समापन हुआ। इसमें दिल्ली के 222, मुंबई से 01 और तेलंगाना से 02 शिक्षार्थियों ने भाग लिया। इनमें 93 स्कूल विद्यार्थी, 89 उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र और 43 कर्मचारी, अध्यापक, प्राध्यापक एवं व्यवसायी शामिल थे।
15 दिवसीय वर्ग में शिक्षार्थियों को शारीरिक, मानसिक और वैचारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसमें समूह जीवन, अनुशासन, सेवाभाव, और संवेदनशीलता जैसे मूल्यों पर भी विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम में दिल्ली प्रांत संघचालक डॉ अनिल अग्रवाल एवं वर्ग के सर्वाधिकारी डॉ महेश व्यास की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
