स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार,23 विधायक सदन की कार्यवाही से स्वमेव निलंबित
रायपुर, 14 जुलाई ।छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में आज सोमवार को विपक्ष ने प्रदेश में खाद की कमी ,राजस्व निरीक्षक 2024 भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी और बीज संकट को लेकर साय सरकार को जमकर घेरा।नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाया। विपक्ष के विधायकों ने प्रदेश में खाद बीज की कमी को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराने की मांग की। स्पीकर ने विपक्ष के स्थगन को अस्वीकार कर दिया, जिससे नाराज़ विपक्ष सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन में चले गए, इस पर नियमानुसार विपक्ष के 23 विधायक सदन की कार्यवाही से स्वमेव निलंबित हो गए। इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।
शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि राज्य में खाद की भारी किल्लत है। जिससे किसानों को भारी परेशानी हो रही है। इस वजह से प्रदेश के किसान गुस्से में है। इस आधार पर नेता प्रतिपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए चर्चा की मांग की।पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में खाद संकट गहराता जा रहा है, किसान दोगुने दामों पर खाद खरीदने को मजबूर हैं,13 सौ रुपये का डीएपी बाजार में 21 सौ में मिल रहा है ।
पूर्व मंत्री कांग्रेस के विधायक उमेश पटेल ने भी डीएपी खाद की कमी को लेकर चिंता जताई और कहा कि किसान आंदोलित हैं,ऐसे में इस विषय पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने सदन में खाद संकट पर वक्तव्य दिया, आरोपों पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने पलटवार किया।उन्होंने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया।कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि प्रदेश में कहीं खाद बीज की कोई कमी नहीं है। पैदावार अच्छी हो उसके लिए सरकार किसानों को खाद बीज उपलब्ध करा रही है। जहां भी अमानक खाद बीज की शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाती है। आगे भी खाद बीज को लेकर यदि कोई शिकायत मिलेगी तो सरकार कार्रवाई करेगी। हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है और किसानों के हित में काम कर रही है।
जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव नामंजूर कर दिया। अध्यक्ष ने कहा कि मंत्री के वक्तव्य के बाद प्रस्ताव की आवश्यकता नहीं रह जाती। इस फैसले से नाराज विपक्षी विधायकों ने सदन में जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी और विरोध स्वरूप गर्भगृह तक पहुंच गए। सरकार पर किसान विरोधी होने के आरोप लगाए गए।विरोध प्रदर्शन के चलते विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्षी विधायकों को निलंबित कर दिया।
बाद में पत्रकारों से चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में किसानों को खाद बीज नहीं मिल पा रहा है। किसान परेशान हैं और इस मामले को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाया गया था। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार नहीं चाहती कि धान की अच्छी पैदावार हो इसलिए खाद बीज उपलब्ध नहीं कर रही है।
