पहलगाम आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड समेत दो आतंकवादियों के श्रीनगर के पास सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने की जांच एनआईए की एक टीम ने मंगलवार को शुरू की है। एनआईए की टीम मंगलवार तड़के तीनों आतंकवादियों के शवों की पहचान करने के लिए पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) पहुंची।
अधिकारियों ने बताया कि पहलगाम हमले के दौरान इस्तेमाल किए गए सैटेलाइट फोन के दोबारा एक्टिव होने की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन ‘महादेव’ शुरू किया था। सेना के विशिष्ट पैरा कमांडो ने सोमवार को पहलगाम हमले के कथित मास्टरमाइंड सुलेमान उर्फ आसिफ को उसके दो साथियों के साथ दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान के पास हरवान इलाके के मुलनार में एक मुठभेड़ में मार गिराया था। कार्रवाई में मारे गए अन्य दो आतंकवादियों की पहचान जिब्रान और हमजा अफगानी के रूप में हुई। जिब्रान कथित तौर पर पिछले साल अक्टूबर में गगनगीर में सोनमर्ग सुरंग परियोजना पर हुए आतंकी हमले में शामिल था। इस हमले में एक डॉक्टर समेत सात लोग मारे गए थे।
अधिकारियों के अनुसार मारे गए आतंकवादियों के शव सोमवार देर रात मुठभेड़ स्थल से पीसीआर में लाए गए। एनआईए की टीम दो-तीन लोगों के समूहों में गवाहों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मारे गए आतंकवादियों में सुलेमान शाह भी शामिल है। सोमवार को मुठभेड़ स्थल से एक एम4 कार्बाइन राइफल, दो एके राइफल और अन्य हथियार जब्त किए गए थे। खुफिया जानकारी मिलने के बाद से इलाके में आतंकवादियों के एक और समूह की मौजूदगी का पता चलने पर ऑपरेशन जारी है।
