नई दिल्ली, 08 अगस्त। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला मामले के आरोपित क्रिश्चियन मिशेल को रिहा करने की मांग खारिज कर दिया है। स्पेशल जज संजय जिंदल ने कहा कि मिशेल के खिलाफ दर्ज एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा 467 लगाई गई है, जिसमें उम्रकैद का प्रावधान है। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता है कि उसने अपनी अधिकतम सजा पूरी कर ली है। कोर्ट ने 6 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मिशेल से पूछा था कि आप बेल बांड क्यों नहीं भर रहे हैं। तब मिशेल ने कहा कि जब उसने सजा की अधिकतम 7 साल की कैद की अवधि को पूरा कर लिया है, तब बेल बांड की कठोर शर्तें नहीं लगायी जानी चाहिए। मिशेल ने कहा था कि अब वो तीन साल पहले वाला व्यक्ति नहीं रहा। उसकी मां की मौत हो चुकी है, उसकी पत्नी उसके साथ नहीं है। थोड़ा बहुत उसका व्यापार बचा है।
सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मिशेल की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि संयुक्त अरब अमीरात से हुई प्रत्यर्पण संधि की धारा 17 के मुताबिक अगर कोई आरोपित प्रत्यर्पित किया जाता है, तो उस पर न केवल वही मुकदमा चलेगा, बल्कि दूसरे संबंधित मुकदमे भी चल सकते हैं। मिशेल को अगस्ता हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और ईडी दोनों के मामले में जमानत मिल चुकी है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 4 मार्च को मिशेल को मनी लांड्रिंग मामले में जमानत दी थी। सीबीआई से जुड़े मामले में मिशेल को उच्चतम न्यायालय पहले ही जमानत दे चुका है।
दरअसल, अगस्ता वेस्टलैंड से 12 हेलीकॉप्टरों की खरीद के मामले में 3600 करोड़ के घोटाले का मामला दर्ज किया गया है। सीबीआई के मुताबिक मिशेल ने इस घोटाले की कुछ रकम 2010 के बाद हासिल की और कुछ 2010 के बाद। 3600 करोड़ के इस घोटाले में ईडी ने मिशेल को जनवरी 2019 में गिरफ्तार किया था। मिशेल को दुबई से प्रत्यर्पित कर 4 दिसंबर, 2018 को भारत लाया गया था। चार्जशीट में क्रिश्चियन मिशेल, राजीव सक्सेना, अगस्ता वेस्टलैंड इंटरनेशनल के डायरेक्टर जी सापोनारो और वायुसेना के पूर्व प्रमुख एसपी त्यागी के रिश्तेदार संदीप त्यागी समेत 13 को आरोपित बनाया गया है। 19 सितंबर, 2020 को सीबीआई ने पूरक चार्जशीट दाखिल की थी। 23 अक्टूबर, 2020 को कोर्ट ने सीबीआई की ओर से दायर पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था।
