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छत्तीसगढ़ के सुकमा में 20 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 9 महिलाएं और 11 पुरुष नक्सली शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में एक पीएलजीए बटालियन (माओवादी संगठन) की सक्रिय हार्डकोर महिला नक्सली भी है। इन सभी पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें दो नक्सलियों पर 08-08 लाख, एक नक्सली पर 05 लाख, चार नक्सलियों पर 02-02 लाख एवं अन्य 04 नक्सलियों पर 01-01 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
सुकमा पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन की “छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति” एवं “नियद नेल्ला नार” योजना से प्रभावित होकर तथा अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सल हिंसा से तंग आकर इन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय सुकमा में एसपी किरण चव्हाण, डीआईजी ऑफिस सुकमा द्वितीय कमान अधिकारी सुरेश सिंह पायल, एएसपी अभिषेक वर्मा, एएसपी नक्सल ऑप्स मनीष रात्रे, एसडीओपी परमेश्वर तिलकवार के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया है। नक्सलियों को आत्म ससमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में जिला बल, डीआरजी सुकमा, इंटेरोगेशन सेल, आसूचना शाखा, रेंज फिल्ड टीम (आरएफटी) कोंटा, सीआरपीएफ 111, 217, 218, 226 वाहिनी एवं कोबरा 203 वाहिनी के सूचना शाखा कार्मिकों की विशेष भूमिका रही है। सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन के नवीन पुनर्वास नीति “छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति -2025” के तहत 50-50 हजार रूपये के मान से प्रोत्साहन राशि एवं अन्य सुविधायें प्रदान किए जाएंगे।
