भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने निजी रेडियो प्रसारकों के लिए डिजिटल रेडियो प्रसारण नीति तैयार करने पर अपनी सिफारिशें जारी की हैं।
इसने चार ए+ श्रेणी के शहरों, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई, तथा नौ ए श्रेणी के शहरों, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद, सूरत, पुणे, जयपुर, लखनऊ, कानपुर और नागपुर में डिजिटल रेडियो प्रसारण सेवा शुरू करने के लिए आरक्षित मूल्य की भी सिफारिश की है।
ट्राई ने सिफारिश की है कि नए प्रसारकों द्वारा डिजिटल रेडियो सेवाएं सिमुलकास्ट मोड में शुरू की जानी चाहिए।
मौजूदा एनालॉग एफएम रेडियो प्रसारकों को भी स्वैच्छिक आधार पर सिमुलकास्ट मोड में स्थानांतरित करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
यह भी सिफारिश की गई है कि डिजिटल रेडियो प्रसारण के लिए प्राधिकरण की अवधि 15 वर्ष होनी चाहिए।
प्राधिकरण ने कहा कि प्रसार भारती को अपनी भूमि और टावर अवसंरचना के साथ-साथ सामान्य प्रसारण अवसंरचना को निजी प्रसारकों के साथ रियायती किराये की दरों पर साझा करना चाहिए तथा परिचालन व्यय की पूरी वसूली करनी चाहिए।
ट्राई ने सिफारिश की है कि सरकार को श्रेणी ए+ के चार शहरों और श्रेणी ए के नौ शहरों में से प्रत्येक के लिए एकल प्रौद्योगिकी परिदृश्य में आवृत्ति योजना तैयार करनी चाहिए और इसे सार्वजनिक डोमेन में रखना चाहिए।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पिछले वर्ष निजी रेडियो प्रसारकों के लिए डिजिटल रेडियो प्रसारण नीति तैयार करने के लिए ट्राई से सिफारिशें मांगी थीं।
