जगदलपुर, 6 अक्टूबर । बस्तर दशहरा में शामिल दंतेश्वरी मंदिर दंतेवाड़ा के प्रधान पुजारी परमेश्वर नाथ जिया ने वर्तमान दशहरा की व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए आज कहा कि जगदलपुर में माता मावली की डोली को यहां पर उचित सम्मान और आदर नहीं मिलता, जिसका उन्हें दुख है । दंतेवाड़ा से छत्र एवं डोली बड़े सम्मान के साथ जगदलपुर लायी जाती है, लेकिन जैसी व्यवस्था यहां होती है, वह असहज है। दशहरा समिति एवं दशहरा के आयोजन को लेकर जिन अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है, उसकी समीक्षा की महती जरूरत है। पुजारी ने कहा कि हम सबको मिलकर ऐसा प्रयास करना है कि देश-विदेश में बस्तर दशहरा की ख्याति बढ़े । बस्तर दशहरा की गरिमा, वैभवता और उसका आभा मंडल पूरे विश्व में हो । इस दौरान अर्जुन कर्मा, कृष्ण कुमार पाढ़ी, कुमार विजीत देव, जगत सिंह, सिकन्दर सिंह एवं और मांझी और चालकी सहित अन्य मौजूद रहे।
पुजारी और मांझी और चालकियों की बातें सुनने के बाद कुमार जयदेव ने कहा कि वर्तमान बस्तर दशहरा केवल बस्तर जिले तक सीमित नजर आ रहा है, इसे संभाग स्तर पर मनाने की दरकार है । इस नाते प्रत्येक जिले में एक समिति बनाकर दशहरा से उन्हें जोड़ने का प्रयास किया जाना चाहिए, ताकि इसकी भव्यता और व्यापकता और बढ़े । इस वर्ष बस्तर दशहरा में महिलाओं की भागीदारी नगण्य रही । माताओं और बहनों का इस दशहरा में शामिल न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। हम चाहते हैं कि अधिक से अधिक लोगों की इस पवित्र परंपरा में सहभागिता रहे।
