नारायणपुर, 11 अक्टूबर । जिले के अबूझमाड़ में एक पांच साल के बच्चे की नाक में नोजल घुस गया था, जिससे उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। वहीं परिजन आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल लेकर आए। जहां डॉक्टर्स की टीम ने आज शनिवार काे माइनर ऑपरेशन कर आधे घंटे में ही नाक में फंसे नोजल काे निकाल दिया, बच्चे की स्थिति खतरे से बाहर है। दरअसल बच्चे का नाम धरवन (5), पिता भूनेश्वर है। यह कांकेरबेड़ा, तहसील छोटेडोंगर, जिला नारायणपुर का रहने वाला है।
मिली जानकारी के अनुसार एक दिन पहले खेलते-खेलते सफेद रंग की नोजल जैसी वस्तु अपनी बाईं नाक में डाल दी थी। जो आकार में इतनी बड़ी थी कि उसकी नाक पूरी तरह से बंद हो गई और उसे सांस लेने नहीं हो रहा था, बच्चा जोर-जोर से रोने लगा। जिसके बाद परिवार के सदस्यों ने बच्चे को तत्काल छोटेडोंगर से जिला अस्पताल नारायणपुर लाया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपातकालीन कॉल पर डॉ. हिमांशु सिन्हा और डॉ. धनराज सिंह डरसेना तुरंत अस्पताल पहुंचे। दोनों चिकित्सकों ने बच्चे को माइनर ऑपरेशन थियेटर में ले जाकर लगभग आधे घंटे तक प्रयास कर नोजल बाहर निकाला। ऑपरेशन के बाद बच्चे ने आराम से सांस लेना शुरू किया और अब वह पूरी तरह से खतरे से बाहर है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. विनोद भोयर ने दोनों डॉक्टरों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारे डॉक्टर और स्टाफ सदैव सेवा के लिए तत्पर रहते हैं, हर कठिन परिस्थिति में हमारा स्वास्थ्य दल सजग और सक्षम है।
