चीन ने मंगलवार को शेनझोउ-22 स्पेसक्राफ्ट को सफलतापूर्वक लॉन्च कर तियांगोंग स्पेस स्टेशन के लिए रवाना किया। हाल ही में स्पेस डेब्रिस से टकराकर क्षतिग्रस्त हुए शेनझोउ-20 की जगह लेने वाला यह नया स्पेसक्राफ्ट सुरक्षित रूप से अपनी कक्षा में पहुंचा और इसके बाद स्टेशन से डॉक कर दिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य वहीं मौजूद तीन चीनी एस्ट्रोनॉट्स को पृथ्वी पर लौटाने का रास्ता तैयार करना है।
शेनझोउ-20, जिसे 14 नवंबर को वापसी के लिए भेजा जाना था, स्पेस मलबे की टक्कर के बाद इस्तेमाल योग्य नहीं रह गया था। उसकी व्यू विंडो को गंभीर नुकसान पहुंचा और इससे एस्ट्रोनॉट्स की तुरंत घर वापसी रोकनी पड़ी। इसी वजह से क्रू स्टेशन पर फंसा रह गया और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए वैकल्पिक योजना बनानी पड़ी।
अनमैन्ड शेनझोउ-22 न सिर्फ आपातकालीन वापसी वाहन के रूप में भेजा गया है, बल्कि यह स्पेस फूड, मेडिकल सप्लाई, ताज़ी सब्ज़ियाँ-फल और क्षतिग्रस्त शेनझोउ-20 की विंडो की मरम्मत के लिए जरूरी उपकरण भी लेकर गया है। चाइना मैन्ड स्पेस एजेंसी (CMSA) के अनुसार, यही स्पेसक्राफ्ट अगले साल अप्रैल में स्टेशन पर मौजूद तीनों एस्ट्रोनॉट्स को पृथ्वी पर वापस लाने के लिए इस्तेमाल होगा। खराब शेनझोउ-20 की मरम्मत कर उसे भी बाद में वापस भेजने की योजना है।
उत्तर-पश्चिम चीन के जिउक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से लॉन्ग मार्च-2F Y22 रॉकेट के जरिए शेनझोउ-22 को उड़ान भरी गई। लॉन्च के लगभग दस मिनट बाद ही स्पेसक्राफ्ट रॉकेट से अलग होकर अपनी तय कक्षा में प्रवेश कर गया और इसके बाद स्टेशन से सफलतापूर्वक जुड़ गया। CMSA ने मिशन को पूरी तरह सफल बताया।
चीन ने अपना स्वतंत्र स्पेस स्टेशन इसलिए बनाया, क्योंकि उसे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से शामिल नहीं किया गया था। पश्चिमी देशों को आशंका थी कि चीन का स्पेस कार्यक्रम उसकी सेना के नियंत्रण में है, इसलिए उसे ISS से बाहर रखा गया।
