सूरजपुर, 26 नवंबर। सूरजपुर जिले में एक मासूम छात्र को होमवर्क पूरा न करने पर पेड़ से बांधकर दंड देने की अमानवीय घटना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर 32 प्राइवेट स्कूलों की मान्यता निरस्त कर दी है। पता चला कि ये संस्थान आवश्यक सुविधाओं और निर्धारित नियमों का पालन करने में पूरी तरह विफल रहे थे।
इन स्कूलों में सबसे बड़ी कमी खेल मैदान जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव पाया गया, जो नियमानुसार अनिवार्य है। संयुक्त कलेक्टर पुष्पेंद्र शर्मा ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई भी ढिलाई स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जिले में संचालित सभी गैर-मानक स्कूलों की व्यापक जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
घटना कैसे शुरू हुई
मामला नारायणपुर के हंसवानी विद्या मंदिर स्कूल से जुड़ा है, जहां नर्सरी से लेकर आठवीं तक के बच्चे पढ़ते हैं। सोमवार को नियमित रूप से कक्षाएं शुरू हुईं। नर्सरी कक्षा में शिक्षिका काजल साहू ने होमवर्क की जांच शुरू की। इसी दौरान एक बच्चे का कार्य अधूरा मिला।
पेड़ से बांधकर दी गई क्रूर सजा
होमवर्क न होने पर शिक्षिका गुस्से में आ गईं और बच्चे को कक्षा से बाहर भेज दिया। इसके बाद उन्होंने स्कूल परिसर में मौजूद एक पेड़ से रस्सी के सहारे बच्चे को लटका दिया। बच्चा काफी देर तक रोता रहा और छोड़ने की गुहार लगाता रहा, पर शिक्षिका ने उसकी कोई बात नहीं सुनी। यह दृश्य किसी ने वीडियो में कैद कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
शिक्षिका पर त्वरित कार्रवाई
विवाद बढ़ने के बाद शिक्षिका काजल साहू को तुरंत सेवा से हटा दिया गया। बच्चों के अनुसार, यह पहली बार नहीं था। वे बताते हैं कि शिक्षिका पहले भी कई बार छात्रों को कुएं में लटकाकर डराती-धमकाती थीं। वीडियो सामने आते ही जिला शिक्षा अधिकारी ने टीम भेजकर मौके पर जांच करवाई। विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करते हुए स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी गई।
