MUMBAI, MAHARASHTRA, INDIA - 2024/08/28: Women (silhouetted) walk past Reserve Bank of India (RBI) logo displayed at Global Fintech Fest exhibition in Mumbai. Global Fintech Fest (GFF) is a global platform to encourage major stakeholders of Fintech firms, who gather to share and exchange ideas, and innovation in banking, finance, digital payments, startups, and new technologies. (Photo by Ashish Vaishnav/SOPA Images/LightRocket via Getty Images)
03 दिसंबर । भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने मंगलवार को व्यापक दिशानिर्देश जारी करते हुए बैंकों को अपने कामकाज में क्षेत्रीय भाषाओं का इस्तेमाल बढ़ाकर ग्राहक सेवाओं को मज़बूत करने का निर्देश दिया। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के विभिन्न हिस्सों में ग्राहकों के लिए बैंकिंग सेवाएँ सुलभ और आसानी से समझ में आने वाली हों।
दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंकों को शाखाओं के सामान्य प्रबंधन के लिए बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति अपनानी होगी। इसमें सभी काउंटरों पर संकेतक बोर्ड लगाना और ग्राहकों को उपलब्ध सेवाओं और सुविधाओं की जानकारी देने वाली पुस्तिकाएँ उपलब्ध कराना शामिल है। खाता खोलने के फॉर्म, भुगतान पर्ची, पासबुक और ग्राहक शिकायत संबंधी जानकारी जैसी मुद्रित सामग्री हिंदी, अंग्रेजी और संबंधित क्षेत्रीय भाषा में उपलब्ध कराई जानी चाहिए। बैंक क्षेत्रीय भाषाओं में सेवाएँ प्रदान करने के लिए बहुभाषी संपर्क केंद्र और डिजिटल चैनल भी संचालित कर रहे हैं।
वित्तीय सेवा विभाग ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) को RBI के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी है। RBI ने अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को भेजे अपने पत्र में दोहराया है कि ग्राहकों से सभी संवाद त्रिभाषी प्रारूप में जारी किए जाने चाहिए – हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषा।
भारतीय बैंक संघ (आईबीए) ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में ग्राहकों के साथ संवाद को मज़बूत करने के लिए स्थानीय बैंक अधिकारियों की भर्ती को बढ़ावा देने वाली नीतियाँ अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। बैंक इस पहल को सक्रिय रूप से अपना रहे हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में ग्राहक सेवा संबंधी कार्य अब मुख्यतः ग्राहक सेवा सहयोगियों (सीएसए) द्वारा संभाले जाते हैं। भर्ती प्रक्रिया के एक भाग के रूप में, सीएसए को उस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की आधिकारिक भाषा में स्थानीय भाषा प्रवीणता परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है जहाँ उनकी नियुक्ति होगी। इस उपाय का उद्देश्य ग्राहकों के साथ सहज संवाद सुनिश्चित करना और समग्र सेवा अनुभव में सुधार लाना है।
यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
