JUNEE, AUSTRALIA - DECEMBER 08: A truck unloads its cargo of wheat at The Junee Grain Corp storage yards on December 8, 2017 in Junee, Australia. Heavy rainfall across the Riverina region delayed harvesting and have affected crop quality. More than 100mm of rain fell in parts of the grain-growing region in the first week of December, causing many cereal crops to fail the minimum requirements for top milling quality. The Australian Bureau of Resource Economics and Sciences (ABARES) estimates the total winter crop production for 2017 at 35.1 million tonnes, down 41 per cent from the record 59.5 million tonnes crop produced in 2016/17. (Photo by Michele Mossop/Getty Images)
10 दिसंबर । कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 5 दिसंबर तक चालू शीत ऋतु में रबी फसलों के तहत बुआई का कुल क्षेत्रफल 479 लाख हेक्टेयर से अधिक रहा। यह बीते वर्ष की समान अवधि के 451.12 लाख हेक्टेयर की तुलना में इस वर्ष 27.89 लाख हेक्टेयर अधिक है।
इसके अलावा, आधिकारिक जानकारी के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में 241.4 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं, 10.98 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में चावल और 106.21 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में दलहन की खेती की जा चुकी है। जबकि बीते एक वर्ष की समान अवधि में गेहूं, चावल और दलहन की खेती का क्षेत्र क्रमशः 217.81 लाख हेक्टेयर, 9.86 लाख हेक्टेयर और 105.78 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया था।
जहां एक ओर श्री अन्ना एवं मोटे अनाज के तहत 5 दिसंबर तक 36.28 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया गया, वहीं, तिलहन के लिए बुआई का क्षेत्र 84.14 लाख हेक्टेयर रहा।
इस वर्ष दलहन में ग्राम की बुआई का क्षेत्र 77.84 लाख हेक्टेयर रहा, जो कि बीते वर्ष की समान अवधि में 75.16 लाख हेक्टेयर था। इसी तरह, उड़द दाल की बुआई का क्षेत्र 1.84 लाख हेक्टेयर रहा, जो कि बीते वर्ष की समान अवधि में 1.67 लाख हेक्टेयर था।
इस वर्ष श्री अन्ना एवं मोटे अनाज में रागी की बुआई का क्षेत्र 0.64 लाख हेक्टेयर रहा, जो कि बीते वर्ष की समान अवधि में 0.46 लाख हेक्टेयर था। छोटे बाजरे बुआई का क्षेत्र 0.12 लाख हेक्टेयर रहा, जो कि बीते वर्ष की समान अवधि में 0.09 लाख हेक्टेयर था। मक्के की बुआई का क्षेत्र 11.41 लाख हेक्टेयर रहा, जो कि बीते वर्ष की समान अवधि में 11.05 लाख हेक्टेयर था। जौ की बुआई का क्षेत्र 5.95 लाख हेक्टेयर रहा, जो कि बीते वर्ष की समान अवधि में 5.68 लाख हेक्टेयर था।
बुआई के क्षेत्र में वृद्धि से उत्पादन में वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और खाद्य मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखने में भी मदद मिलेगी।
