भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) 12 जनवरी 2026 को अपना पहला अंतरिक्ष मिशन लॉन्च करने जा रहा है। इसरो का PSLV-C62 रॉकेट पृथ्वी अवलोकन उपग्रह EOS-N1 (अन्वेषा) को अंतरिक्ष में स्थापित करेगा।
इसरो ने बताया कि रॉकेट और उपग्रह का इंटीग्रेशन पूरा हो चुका है और प्री-लॉन्च जांच जारी है। यह मिशन 12 जनवरी को सुबह 10:17 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले लॉन्च पैड से उड़ान भरेगा।
EOS-N1 उपग्रह कृषि, शहरी मैपिंग और पर्यावरण निगरानी के लिए भारत की रिमोट सेंसिंग क्षमताओं को मजबूत करेगा।
इस मिशन में EOS-N1 के साथ 15 अन्य सह-यात्री उपग्रह भी लॉन्च किए जाएंगे, जिससे यह एक महत्वपूर्ण मल्टी-सैटेलाइट मिशन बन गया है।
इसके अलावा, स्पेन की एक स्टार्टअप कंपनी का Kestrel Initial Technology Demonstrator (KID) भी इस मिशन में शामिल है। यह भविष्य के री-एंट्री वाहन का एक छोटा प्रोटोटाइप है, जिसे कक्षा में भेजने के बाद पृथ्वी के वायुमंडल में वापस लाया जाएगा और दक्षिण प्रशांत महासागर में गिराया जाएगा।
यह मिशन NewSpace India Limited (NSIL) द्वारा संचालित इसरो का 9वां व्यावसायिक (कमर्शियल) मिशन होगा। यह PSLV की 64वीं उड़ान है और PSLV-DL वेरिएंट का उपयोग करने वाला पांचवां मिशन है।
PSLV अब तक चंद्रयान-1, मंगलयान, आदित्य-L1 और एस्ट्रोसैट जैसे बड़े मिशन पूरे कर चुका है। 2017 में PSLV ने एक साथ 104 उपग्रह लॉन्च कर विश्व रिकॉर्ड भी बनाया था।
