19 जनवरी । स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एक नई रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, भारत तेजी से आर्थिक प्रगति की राह पर है और 2030 तक प्रति व्यक्ति आय 4,000 अमेरिकी डॉलर के स्तर को पार कर अपर मिडिल-इनकम देश की श्रेणी में शामिल हो जाएगा। इस वर्ग में वर्तमान में चीन और इंडोनेशिया जैसे देश आते हैं।
रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि भारत की आर्थिक यात्रा में तेजी साफ दिख रही है:
– आजादी के बाद 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था तक पहुंचने में 60 साल लगे
– 2014 से अगले 7 साल में 2 ट्रिलियन डॉलर
– 2021 से अगले 7 साल में 3 ट्रिलियन डॉलर
– 2025 से अगले 4 साल में 4 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य
प्रति व्यक्ति आय के स्तर पर भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है:
– आजादी के बाद 62 साल में 2009 में प्रति व्यक्ति आय 1,000 डॉलर
– 2019 तक अगले 10 साल में 2,000 डॉलर
– 2026 तक अगले 7 साल में 3,000 डॉलर
– 2030 तक 4,000 डॉलर (अपर मिडिल-इनकम थ्रेशोल्ड के करीब या उससे ऊपर)
देश की सापेक्ष स्थिति में लगातार सुधार
SBI के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉ. सौम्य कांति घोष ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में भारत की औसत वास्तविक जीडीपी वृद्धि वैश्विक स्तर पर क्रॉस-कंट्री डिस्ट्रीब्यूशन में 92वें पर्सेंटाइल से बढ़कर 95वें पर्सेंटाइल पर पहुंच गई है, जो देश की सापेक्ष स्थिति में लगातार सुधार दर्शाता है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि 2047 तक विकसित भारत (@DevelopedIndia) के विजन को साकार करने के लिए:
– वर्तमान हाई-इनकम थ्रेशोल्ड ($13,936) तक पहुंचने हेतु 7.5% की CAGR पर्याप्त होगी
– पिछले 23 वर्षों (2001-2024) में भारत की प्रति व्यक्ति GNI 8.3% की CAGR से बढ़ी है
– यदि भविष्य में थ्रेशोल्ड बढ़कर 18,000 डॉलर हो जाता है, तो 8.9% CAGR की आवश्यकता होगी
रिपोर्ट के अनुसार, 0.6% औसत जनसंख्या वृद्धि और वैश्विक औसत डिफ्लेटर (~2%) को ध्यान में रखते हुए, अगले 23 वर्षों में डॉलर टर्म में नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर लगभग 11.5% रह सकती है। यह दर महामारी से पहले (FY04-FY20) के 11% और FY04-FY25 के करीब 10% की औसत वृद्धि से मेल खाती है।
डॉ. घोष ने जोर दिया कि भारत को अपने सुधार एजेंडे को लगातार आगे बढ़ाना चाहिए, ताकि हाई-इनकम देश बनने के लिए जरूरी अतिरिक्त ग्रोथ हासिल की जा सके। ऐसे में भारत अपर मिडिल-इनकम देश बन सकता है। (
