धमतरी, 27 जनवरी । छत्तीसगढ़ मध्यान्ह भोजन मजदूर एकता यूनियन सीटू के बेनर तले रसोईया फिर हड़ताल पर चले गये। गांधी मैदान में बैठ छत्तीसगढ़ मध्यान्ह भोजन मजदूर एकता यूनियन के सदस्यों ने आज शासन विरोधी जमकर नारे लगाए।
यूनियन के राज्य अध्यक्ष समीर कुरैशी ने प्बताया कि केन्द्र की मोदी सरकार के द्वारा 11 साल से बजट में शिक्षा विभाग के लिए हमेशा कटौती की जा रही है। पूववर्ती तत्कालीन मनमोहन सरकार ने वर्ष 2013-14 के अंतिम बजट में 2000 रू मध्यान्ह भोजन कर्मियो के लिए मानदेय में बढ़ोतरी बजट में पारित की थी। लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद बढ़ोतरी को बजट से हटा दिया गया तब से अब तक मोदी सरकार नें रसोईया के लिये मानदेय में बढ़ोतरी अभी तक नहीं की है।
ललिता साहू, अनुसुईया कंडरा, बालाराम मरकाम, डीहूराम यादव ने बताया की स्कूलों में रसोईया का काम करते हुये 15 वर्ष हो गए। छग की भाजपा सरकार ने मात्र 200 रू की मानदेय में बढ़ोतरी की है। मगरलोड से नेमिन निषाद, अमेरिका नगारची, सीतासाहू इत्यादि ने बताया कि मात्र 2000रू प्रतिमाह मानदेय मिलता है, जो कि महंगाई के अनुरूप पर्याप्त नहीं है। सेमरा भखारा से अंजली शर्मा, रविता गोस्वामी, रूखमणी निषाद ने बताया कि महिलाओं का भाजपा सरकार आर्थिक शोषण कर रही है भाजपा सरकार डबल इंजन के होने के बाद भी जनता को कोई लाभ नहीं हैं। सीटू के जिला अध्यक्ष मणिराम देवांगन ने बीड़ी यूनियन के ओर से 5 दिवसीय हड़ताल का समर्थन किया। हड़ताल 31 जनवरी तक रहेगी। कई स्कूलों में मध्यान्ह भोजन नहीं बनने से शाला प्रबंधन संकट में आ गया।
प्रदर्शन में पुरुषोत्तम साहू, देवबत्ती देवांगन, उकेशवरी साहू, दुर्गा नेताम, लीला वाई सेन, संतोषी कंडरा, योगिता अंगारे, संध्या धुरुव सहित अन्य मौजूद थे।
