कोरबा, 27 जनवरी । छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में नगर सेना (होमगार्ड) के एक जवान द्वारा 26 जनवरी के दिन आत्महत्या के प्रयास का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। आज मंगलवार को जिले के सभी नगर सैनिक अपने साथी के समर्थन में नगर सेना (होमगार्ड) मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी नगर सैनिक दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और पीड़ित जवान को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार नगर सेना के जवान संतोष पटेल ने कथित मानसिक प्रताड़ना से आहत होकर कलेक्टर परिसर में जहरीले पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया था। हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है। सुसाइड नोट में संतोष पटेल ने नगर सेना के वरिष्ठ अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने जिला सेनानी अनुज एक्का और संभागीय कमांडेंट पर लगातार दबाव बनाने, धमकी देने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
सुसाइड नोट में यह भी उल्लेख किया गया है कि उसने अपनी समस्या को पहले भी जिला प्रशासन के समक्ष रखा था। इस संबंध में बैठकें भी हुई थीं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। जवान ने आरोप लगाया है कि 17 अक्टूबर 2025 तक उसे कई बार अकेले में बुलाकर मानसिक दबाव बनाया गया और बर्खास्त करने की धमकी दी गई।
घटना के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में नगर सैनिक एकत्र हो गए थे, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। वहीं मंगलवार को सभी नगर सैनिक अपने साथी के पक्ष में नगर सेना (होमगार्ड) मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस पूरे मामले में कोरबा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने मंगलवार काे बताया कि मामले में सुसाइड नोट बरामद हुआ है और सभी तथ्यों की गंभीरता से जांच की जा रही है। सुसाइड नोट, बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच के बाद आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर विवेचना शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
