29 जनवरी । गल्फूड वर्ल्ड इकोनॉमी समिट में वैश्विक खाद्य अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका और संयुक्त अरब अमीरात के साथ इसकी मजबूत होती साझेदारी पर प्रकाश डाला गया। इस शिखर सम्मेलन में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और उद्योग जगत के नेताओं ने खाद्य एवं पेय क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। भारत केंद्रित सत्र में मुख्य भाषण देते हुए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सचिव श्री अविनाश जोशी ने मूल्यवर्धित खाद्य प्रसंस्करण, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और संयुक्त अरब अमीरात के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए वैश्विक खाद्य क्षेत्र में भारत के अग्रणी के रूप में उभरने पर बल दिया। उन्होंने भारतीय खाद्य उत्पादों की बढ़ती क्षेत्रीय मांग और नवाचार आधारित विकास पर देश के फोकस से उत्पन्न अवसरों पर भी प्रकाश डाला।
“भारत-यूएई: दुनिया का सबसे भरोसेमंद खाद्य आपूर्ति सेतु बनाना” शीर्षक से आयोजित एक अनौपचारिक चर्चा में दुबई में भारत के महावाणिज्यदूत श्री सतीश कुमार सिवान, एपीईडीए के अध्यक्ष श्री अभिषेक देव, खाद्य एवं पेय क्षेत्र के अध्यक्ष सालेह लूताह और उद्योग जगत के वरिष्ठ हितधारक शामिल हुए। चर्चा का केंद्र बिंदु भारत-यूएई व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के तहत खाद्य व्यापार को सुदृढ़ करना, सह-विनिर्माण के अवसर, खाद्य सुरक्षा और पता लगाने की क्षमता तथा टिकाऊ खाद्य प्रणालियों का विकास था।
गल्फूड 2026 के दौरान, श्री अविनाश जोशी और श्री सतीश कुमार सिवान ने यूएई खाद्य हितधारक समूह की बैठक में भी भाग लिया। भारत-यूएई साझेदारी खाद्य समूह ने खाद्य प्रसंस्करण, कृषि-मूल्य श्रृंखला एकीकरण, नवाचार और टिकाऊ प्रथाओं में गहन सहयोग की संभावनाओं को तलाशने के लिए खाद्य और पेय पारिस्थितिकी तंत्र के प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाया। इस बैठक ने खाद्य सुरक्षा, प्रौद्योगिकी साझेदारी और खाद्य एवं पेय क्षेत्र में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने के लिए भारत और यूएई की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
