04 फ़रवरी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष एम. अनंतसयनम अय्यंगार की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, संसद सदस्यों, पूर्व संसद सदस्यों और लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह ने भी इस अवसर पर पुष्पांजलि अर्पित की।
अय्यंगार एक अनुभवी स्वतंत्रता सेनानी और एक प्रतिष्ठित सांसद थे जिन्होंने भारत की संसदीय परंपराओं को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका विधायी करियर केंद्रीय विधान सभा, संविधान सभा, अंतरिम संसद और पहली से तीसरी लोकसभा सहित कई महत्वपूर्ण संस्थानों तक फैला हुआ था।
जब 1952 में पहली लोकसभा का गठन हुआ, तो अय्यंगार को सर्वसम्मति से इसका उपाध्यक्ष चुना गया। इससे पहले वे संविधान सभा (विधानसभा) और अंतरिम संसद के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके थे। तत्कालीन अध्यक्ष जी.वी. मावलंकर के अचानक निधन के बाद, 8 मार्च 1956 को उन्हें सर्वसम्मति से लोकसभा का अध्यक्ष चुना गया। 1957 में उन्हें फिर से सर्वसम्मति से दूसरी लोकसभा का अध्यक्ष चुना गया।
हालांकि अय्यंगार तीसरी लोकसभा के लिए चुने गए थे, लेकिन उन्होंने बिहार के राज्यपाल का पदभार संभालने के लिए जल्द ही इस्तीफा दे दिया। उनका निधन 19 मार्च, 1978 को हुआ।
