बर्लिन में भारत पर्व के अंतर्गत आयोजित वेव्स बाज़ार में वैश्विक सिनेमा विशेषज्ञों, प्रौद्योगिकी नवप्रवर्तकों और नीति निर्माताओं का एक ऐतिहासिक सम्मेलन हुआ। राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) द्वारा वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट वेव्स पहल के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने सिनेमा, मीडिया और उभरती रचनात्मक प्रौद्योगिकियों में भारत के बढ़ते प्रभाव को उजागर किया।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि इस आयोजन ने वैश्विक सामग्री निर्माण केंद्र के रूप में देश की बढ़ती प्रतिष्ठा को भी रेखांकित किया। भारत के वैश्विक फिल्म प्रचार प्रयासों के तहत, एनएफडीसी ने बर्लिन में आयोजित यूरोपीय फिल्म बाजार (ईएफएम) में दिल्ली और महाराष्ट्र सरकार की भागीदारी और प्रस्तुति को सुगम बनाया।
इस कार्यक्रम के दौरान दिल्ली और महाराष्ट्र दोनों ने अपने रणनीतिक एजेंडे प्रस्तुत किए। दिल्ली के पर्यटन, कला और संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने दिल्ली पर्यटन की ओर से प्रस्तुति दी और फिल्म निर्माताओं के लिए राजधानी की संशोधित नीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने दिल्ली के उस दृष्टिकोण को भी रेखांकित किया जिसके तहत वह अपनी विरासत, सांस्कृतिक जीवंतता और आधुनिक बुनियादी ढांचे का लाभ उठाकर फिल्म-अनुकूल वैश्विक शहर बनना चाहती है। श्री मिश्रा ने आगे इस बात पर जोर दिया कि बड़े पैमाने पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निर्माणों को आकर्षित करने के लिए सक्रिय नीतिगत समर्थन और संस्थागत समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
इसी दौरान, महाराष्ट्र के संस्कृति मंत्री आशीष शेलार ने महाराष्ट्र फिल्म सिटी पर एक प्रस्तुति दी। महाराष्ट्र प्रतिनिधिमंडल ने मराठी सिनेमा की रचनात्मक और व्यावसायिक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में इसकी बढ़ती उपस्थिति को रेखांकित किया।
इस अवसर पर, यूरोपीय फिल्म बाजार में वेव्स बाजार ग्लोबल आउटरीच प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न फीचर फिल्मों और नाटकों का प्रदर्शन किया। मंत्रालय ने आगे कहा कि वेव्स बाजार और सरकार समर्थित पहल जैसे कि वेवेक्स, भारत के उत्पादन पैमाने को मजबूत कर रहे हैं, प्रतिभाओं का पोषण कर रहे हैं और सीमा पार सहयोग को सक्षम बना रहे हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा कि ये पहल देश को रचनात्मक उद्योगों और नवाचार के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी केंद्र के रूप में स्थापित कर रही हैं।
