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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित इजरायल दौरे से पहले भारत में इजरायल के महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच ने कहा है कि इजरायल भारत के साथ अपने रक्षा सहयोग को और विस्तार देने की योजना बना रहा है। इसमें उन्नत रक्षा तकनीक साझा करने और भारत में मिलिट्री हार्डवेयर के निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। उन्होंने बताया कि लेटेस्ट आयरन डोम सहित अन्य रक्षा प्रणालियों पर भी सहयोग बढ़ाने की तैयारी है।
द्विपक्षीय रक्षा समझौते के विस्तार पर जोर
रेवाच ने कहा कि भारत और इजरायल के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और दोनों देशों के नेतृत्व के बीच गहरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित दौरे के दौरान रक्षा सहयोग को अपग्रेड करने, तकनीक साझा करने और भारत में निर्माण क्षमताओं को बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
आयरन डोम और उन्नत रक्षा प्रणालियों पर सहयोग
महावाणिज्यदूत ने बताया कि दोनों देश उन्नत रक्षा प्रणालियों, विशेष रूप से आयरन डोम तकनीक से जुड़े सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्देश्य केवल रक्षा खरीद नहीं, बल्कि तकनीक साझेदारी और संयुक्त निर्माण को बढ़ावा देना है।
आतंकवाद और क्षेत्रीय चुनौतियों पर साझा दृष्टिकोण
यानिव रेवाच ने कहा कि भारत और इजरायल समान सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग दोनों देशों की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी रक्षा सहयोग को संबंधों के प्रमुख स्तंभों में से एक मानते हैं। दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता और उग्रवाद के खिलाफ साझा रणनीति पर काम कर रहे हैं।
आर्थिक और राजनीतिक सहयोग भी एजेंडा में शामिल
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित वार्ता केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आर्थिक, तकनीकी और राजनीतिक सहयोग के नए आयामों पर भी चर्चा होगी। साथ ही निजी क्षेत्र की भागीदारी और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
