कांकेर, 28 मार्च । छत्तीसगढ़ का कांकेर जिला तय समय-सीमा से पहले नक्सल मुक्त होने की ओर अग्रसर है। कांकेर पुलिस के अनुसार जिले में बचे 19 नक्सलियाें के आत्मसमर्पण करने की संभावना हैं। इनमें डीवीसीएम चंदर और एसीएम रूपी सहित कांकेर की परतापुर एरिया कमेटी के सदस्य शामिल हैं।
पुलिस और प्रशासन के अनुसार, इन 19 नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद उत्तर बस्तर का कांकेर जिला पूरी तरह से नक्सल मुक्त हो जाएगा, क्योंकि क्षेत्र की किसी भी एरिया कमेटी में अब कोई सशस्त्र नक्सली शेष नहीं बचेगा।
परतापुर एरिया कमेटी के यह 19 नक्सली अबूझमाड़ और कांकेर के नक्सल प्रभावित इलाकों में छिपे हुए थे, इनके कोइलीबेड़ा के रास्ते कांकेर जिला मुख्यालय पहुंचने की जानकारी पुलिस सूत्रों के हवाले से दी गई है। आत्मसमर्पण करने वालों में महिला नक्सली रूपी का नाम प्रमुख है। वह स्टेट कमेटी मेंबर (एससीएम) विजय रेड्डी की पत्नी है। एससीएम विजय रेड्डी राजनांदगांव और बाद में मोहला-मानपुर-चौकी जिले में हुई मुठभेड़ में मारा गया था।
विजय रेड्डी की पत्नी रूपी के बारे में पुलिस प्रशासन द्वारा बताया गया है कि वह उत्तर बस्तर कांकेर में नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने से रोक रही थी। लेकिन तय समय-सीमा नजदीक आने के साथ ही कांकेर में पिछले दो दिनों में 6 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें आरकेबी डिवीजन के 5 और डीवीसीएम रैंक की एक महिला नक्सली शामिल थी। कांकेर में सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव के कारण उत्तर बस्तर में नक्सल संगठन पूरी तरह टूट चुका है, जिसके परिणाम स्वरूप बाकी नक्सली भी जल्द आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
