प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैसाखी के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा कि यह जीवंत त्योहार कृतज्ञता, नवीनीकरण और आशा की भावना का प्रतीक है, और उन किसानों की कड़ी मेहनत का सम्मान करता है जिनकी लगन से देश को भोजन मिलता है।
उन्होंने कहा कि बैसाखी का आध्यात्मिक महत्व भी गहरा है, क्योंकि यह श्री गुरु गोविंद सिंह जी द्वारा खालसा पंथ की स्थापना का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पूज्य सिख गुरुओं की शिक्षाएं एक बेहतर समाज के निर्माण के सामूहिक प्रयास में सभी को प्रेरित करती रहती हैं। उन्होंने कामना की कि यह त्योहार सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और नई ऊर्जा लाए।
प्रधानमंत्री ने तमिल नव वर्ष पुथंडु के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आने वाले वर्ष में सुख, सफलता और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह दिन तमिल संस्कृति की महानता का सम्मान करने का अवसर है; साहित्य, संगीत, कला, दर्शन और भक्ति की समृद्ध विरासत विश्वभर के लोगों को प्रेरित करती रहती है।
महा बिशुबा पाना संक्रांति, ओडिया नववर्ष के अवसर पर, प्रधानमंत्री ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह अवसर ओडिशा की समृद्ध परंपरा को दर्शाता है। असीमित अवसरों और सफलताओं से भरे वर्ष की कामना करते हुए, पीएम मोदी ने कामना की कि यह दिन सभी के लिए शांति, सुख और समृद्धि लाए और एकजुटता की भावना को और मजबूत करे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बैसाखी, बोहाग बिहू, मेषादी पुथंडु (तमिल नव वर्ष), विशु (केरल नव वर्ष), पाना संक्रांति (ओडिया नव वर्ष) और चीराओबा के अवसर पर नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि ये जीवंत त्योहार ‘एक भारत – श्रेष्ठ भारत’ की भावना को दर्शाते हैं और देश की समृद्ध विविधता में एकता के बंधन को मजबूत करते हैं। उन्होंने कामना की कि ये शुभ अवसर हर घर में शांति, समृद्धि और नई आशा लेकर आएं।
